बिहार पुलिस के लिए सिर दर्द बना कुख्यात बदमाश मुन्ना मिश्रा एक वर्ष से पत्नी के साथ रामपुर महुआबारी में सौंदर्य प्रसाधन की दुकान संचालित करता था। एक दाम की दुकान में सौंदर्य प्रसाधन से संबंधित सभी सामान मिलता था। पत्नी महिलाओं को घर भी सप्लाई करती थी।
रामपुर महुआबारी में बाबा नाम से प्रसिद्ध व्यक्ति इतना बड़ा बदमाश है, किसी को भनक तक नहीं थी। पुलिस से बचने के लिए मुन्ना ने अपने को लोगों के बीच 'बाबा' नाम दिया था और काफी सीधा व सज्जन पुरुष बनकर रहता था। पत्नी दुकान पर काफी ध्यान देती थी। दोनों पति-पत्नी पथरदेवा की दुकानों से सामान लेकर बेचते थे। पति के कारनामों में पत्नी बखूबी साथ देती थी।
मुन्ना जब भी बिहार में जाता, पत्नी भी साथ रहती। प्लेटिना बाइक से दोनों एक साथ जाते। पत्नी बड़े से बैग में एके 47 छिपाकर रखती थी। सूत्रों का कहना है कि रंगदारी व फिरौती की रकम मुन्ना अपनी पत्नी आसमा उर्फ अंजू मिश्रा के खाते में रखता था। मुन्ना अपने गांव की ही मुस्लिम लड़की से विवाह किया था, जिसका नाम आसमा था। अब वह अंजू मिश्रा बन गई है।
पत्नी को बिहार पुलिस ने रामपुर महुआवरी से शुक्रवार की सुबह दुकान से गिरफ्तार कर ले गई। पुलिस का आरोप हैं कि पत्नी पति के असलहे को छिपाती और सभी अपराधों से वसूली की रकम अपने पास रखती थी। मुन्ना के दो लड़के हैं और एक लड़की को गोद लिया है। मुन्ना चौराहे पर दो मकान किराए पर लिया था। एक में रहता था दूसरी में दुकान चलाता था। जिस कमरे में रहता था उसी में एक बंगाली डॉक्टर भी परिवार लेकर रहते थे।
दिलीप हत्याकांड में पुलिस को थी तलाश
छह महीने पहले मुन्ना की पत्नी व बंगाली में झगड़ा हो गया था और मकान मालिक ने मुन्ना से क्वार्टर खाली करा दिया था। तबसे मुन्ना व उसकी पत्नी केवल दुकान पर आते और चले जाते। अगल-बगल के लोगों ने बताया कि जब भी दोनों साथ जाते, एक बड़ा बैग साथ में रहता था। पत्नी उसमें असलहे को छिपा कर चलती थी। सदर सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि बिहार पुलिस आई थी। एक बदमाश को ले गई। हमारी पुलिस ने भी साथ दिया, लेकिन दुकान चलाने की बात पता की जाएगी।
24 मई की सुबह पंचदेवरी में कार्यरत शिक्षक दिलीप सिंह अपने अपने बड़े भाई राजेंद्र सिंह की बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर बैठे थे। इसी बीच अत्याधुनिक हथियारों से लैस बाइक सवार अपराधी वहां पहुंचे और एके-47 से भूनकर दिलीप की हत्या कर दी।
इस मामले में 50 लाख की रंगदारी नहीं दिए जाने पर हत्या का आरोप लगाते हुए मृतक के बड़े भाई ने कटया थाना क्षेत्र के पानन निवासी कुख्यात मुन्ना मिश्रा, पानन के अंकलेश्वर, भठवा के हरकेश मिश्रा, बभनी के धनंजय पांडेय, सिधारिया के इसराफिल, देवान व जमुनहा मुन्ना जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उसमें कई लोग गिरफ्तार हुए थे और मुन्ना की पुलिस तलाश कर रही थी।