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Exclusive: गोरखपुर में बोले मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल, बचपन से है गोरक्षनगरी से जुड़ाव

Sat, 08 Apr 2023 11:26 AM IST
vivek shukla प्रीति कश्यप, गोरखपुर।

सार

सुनील पाल ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि कार्यक्रम के जरिए मुझे बाबा गोरखनाथ की नगरी में आने का मौका मिलता है। बचपन से मैं शिवभक्त हूं। बचपन से मेरा बाबा गोरखनाथ से जुड़ाव है। मेरे पिता का नाम शंकर जी है। एक तरह से देखा जाए तो गोरखनाथ के परिवार से ही हूं।
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कॉमेडियन सुनील पाल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हमारा नाम है रतन नूरा, गोरखपुर में आया हूं पूरा का पूरा, काहे कि गोरखपुर के बिना हम हैं अधूरा और जो इसको नजर लगाए वो है धूरा...। एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में शहर पहुंचे लोकप्रिय कॉमेडियन सुनील पाल ने गोरखपुर के प्रति अपना प्रेम कुछ इस तरह जाहिर किया। अमर उजाला से बात करते हुए उन्होंने कलाकारों की अभिव्यक्ति की आजादी और कॉमेडी के नाम पर बढ़ रही अश्लीलता पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दिल, दिमाग, आवाज, आंखें, नीयत और कंटेंट हमेशा साफ सुथरा होना चाहिए। ये जनता है, सब जानती है।

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बोले, ऐसी कलाकारों को मैं ''कलंकार'' मानता हूं। लड़कों से ज्यादा लड़कियां ऐसा कंटेंट परोस रही हैं। कॉमेडी के नाम पर महिलाएं ही महिलाओं का नाम खराब कर रही हैं। दर्शकों के प्रति अपने प्रेम को जाहिर करते हुए उन्हें कहा कि ये हंसते हैं तो हमारी हस्ती है, हमारे घर बसते हैं। ये भीड़ नहीं लीड है, ये क्राउड नहीं प्राउड है।

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सुनील पाल ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूूं कि कार्यक्रम के जरिए मुझे बाबा गोरखनाथ की नगरी में आने का मौका मिलता है। बचपन से मैं शिवभक्त हूं। बचपन से मेरा बाबा गोरखनाथ से जुड़ाव है। मेरे पिता का नाम शंकर जी है। एक तरह से देखा जाए तो गोरखनाथ के परिवार से ही हूं। जैसे शंकर का स्वरूप है... जैसे बाबा गोरखनाथ के बारे में कहा जाता है... ठीक वैसे ही मेरे पिता जी भी मस्त मलंग थे।

बॉलीवुड फिल्मों के बायकॉट पर अपनी राय व्यक्त करते हुए उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि चाय से ज्यादा केतली गर्म है, ठीक वैसे ही कुछ लोग हैं जिनके पास विरोध जताने के अलावा कोई काम नहीं है। बॉयकाट का ट्रेंड इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है। पठान फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ। लेकिन, इस फिल्म की कमाई ने बॉयकाट करने वालों की जुबान पर ताले लगा दिए। जितने भी नकारात्मक लोग हैं वे केतली वाले हैं। हमारे मोदी जी तो चाय वाले हैं।

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जो चीज समझ नहीं आती, वह समाज में नहीं रहती

मौजूदा वक्त में कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता परोसी जा रही है। अश्लील कॉमेडी लोकप्रिय नहीं, ऐसा करने वाले बदनाम हो रहे हैं। एक पेड़ से जब फल गिरता है और सोचता है कि मैं अपनी अलग दुनिया बनाऊं, तो वह सड़कर खत्म हो जाता है। उसमें कीड़े लग जाते हैं। जो चीज समझ नहीं आती वो समाज में नहीं रहती। हमारे देश का 80 फीसदी युवा जो कर रहा है, वो हमारा भविष्य है, बाकी ये 20 फीसदी लोग अश्लीलता फैला रहे हैं।

गोरखपुर में है प्रतिभा के ढेरों अवसर
गोरखपुर के लोग बहुत क्रिएटिव हैं। यहां दिन प्रतिदिन बदलाव हो रहा है। जब यहां एयरपोर्ट नहीं था मैं तबसे यहां आ रहा हूं। भगवान गोरक्षनाथ से प्रार्थना है कि मेरा प्यारा गोरखपुर ऐसे ही उन्नति करे। यहां के लोग बाबा भोले के भक्त हैं और उन्हीं के भांति प्यारे भी।

युवा कलाकारों को दिया खास संदेश
आज के युवा के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बस वो सही रास्ते का चयन करे। सफलता और सम्मान में फर्क है। सफलता आपको मिल भी जाए लेकिन प्रतिष्ठा और सम्मान आपको कमाना पड़ता है। लता मंगेशकर, सचिन तेंदुलकर, अमिताभ बच्चन, जॉनी लीवर जैसे लोगों ने सफलता और प्रतिष्ठा कमाई है। हमारे देश के युवा में इतनी प्रतिभा है कि हर युवक शाहरुख खान और हर लड़की ऐश्वर्या राय-माधुरी दीक्षित बन सके। बस वह मेहनत करें, सब्र रखें, और सही रास्ते का चयन करें। सफल होने के लिए शॉर्टकट न अपनाएं, क्योंकि शार्टकट का रास्ता आपको भटका देता है। शॉर्टकट के चक्कर में नंबर वन से ''''नो वन'''' बन जाएंगे।

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