मनरेगा योजना के तहत काम करते लोग। (फाइल फोटो)
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महराजगंज जिले में मनरेगा योजना के तहत जिले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान व दो विभाग का नाम सामने आने के बाद सभी लाइन विभाग के जिम्मेदारों के होश उड़े हैं। उन्हें डर सता रहा है कि कहीं उनके नाम पर भी भुगतान न हो गया हो। ऐसे में मनरेगा का कार्य कराने वाले विभाग के जिम्मेदार स्वयं कराए गए कार्य व भुगतान की स्थिति का पता लगाने में जुट गए हैं।
महराजगंज जिले के सभी 12 ब्लॉकों में मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों की ओर से काम कराया जाता है। इसके अतिरिक्त कार्य कराने के लिए लाइन विभाग के रूप में अहर्ता रखने वाले उद्यान, वन, सिंचाईं, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई, नलकूप खंड, भूमि संरक्षण, कृषि आदि को मंजूरी प्रदान की गई है।
मनरेगा में फर्जी भुगतान के मामले में परतावल ब्लॉक में आरोपियों द्वारा वन विभाग की आईडी का दुरुपयोग करने की बात सामने आई है। घुघली ब्लॉक में भी उद्यान विभाग को कार्यदायी संस्था के रूप में इस्तेमाल कर धन के दुरुपयोग की बात सामने आई है। दो लाइन विभाग का नाम सामने आने के बाद अन्य लाइन विभाग से जुड़े जिम्मेदारों के होश उड़े हुए हैं।
उपायुक्त श्रम व रोजगार अनिल चौधरी ने बताया कि मनरेगा में फर्जी भुगतान के जो भी मामले सामने आ रहे हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। एहतियात के तौर पर मनरेगा के कार्य के नाम पर हुए भुगतान की स्थिति को देखने का निर्देश जिम्मेदारों को दिया गया है।