गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर 99.09 लाख रुपये के साथ पकड़े गए मोकामा निवासी व्यापारी मुकुंद माधव से पूछताछ के बाद पुलिस के रडार पर आए फर्जी आईएएस गौरव कुमार की एक और शिकायत सामने आई है। मंगलवार को पुलिस ऑफिस पहुंची एक युवती ने गौरव के खिलाफ शादी की झांसा देकर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया। मामला संज्ञान में आने के बाद आरोपी की तलाश में चार टीमें गठित की गई हैं।
गोरखपुर की रहने वाली युवती ने पुलिस को बताया कि दो महीने पहले सोशल मीडिया के जरिये उसकी पहचान एक व्यक्ति से हुई थी, जिसने खुद को वर्ष 2022 बैच का आईएएस गौरव कुमार बताते हुए कई लोगों को नौकरी व ठेका दिलाने की बात कही। आरोप है कि सरकारी नौकरी व प्रभावशाली पहचान का हवाला देकर युवती का विश्वास हासिल कर लिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ा और आरोपी ने युवती को शादी का प्रस्ताव भी दिया। युवती ने बताया कि वह आरोपी की बातों में आ गई थी।
आरोपी ने कई बार वीडियो कॉल पर सरकारी दफ्तर जैसा बैकग्राउंड, लाल-नीली बत्ती लगी गाड़ियां दिखाकर खुद को असली अफसर बताया था।
युवती के अनुसार, पिछले दो दिनों से आरोपी से उसका संपर्क टूट गया था। रविवार को उसे एक अज्ञात नंबर से कॉल आई, जिसमें आवाज उसी आरोपी गौरव की थी। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ऑफिस पहुंचकर पूरी कहानी बताई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाए हैं। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने किन नंबरों से बातचीत की और लोकेशन कहां-कहां ट्रेस हुई।
आरोपी ने युवती को झांसे में लेकर व्यक्तिगत जानकारियां हासिल की थीं। शुरुआती जांच में जालसाजी की पुष्टि हुई है। चार टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए काम कर रही हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
सहयोगियों संग अंडरग्राउंड हुआ गौरव, सभी के मोबाइल बंद
फर्जीवाड़ा उजागर होते ही आरोपी गौरव अपने सहयोगियों के साथ अंडरग्राउंड हो गया है। पुलिस की जांच में पता चला कि गौरव व उसके सहयोगी कई राज्यों में अलग-अलग नामों से सिमकार्ड का इस्तेमाल करते थे। ठगी के बाद राज्य व सिमकार्ड बदल देते थे। टीम को आरोपी के कुछ मोबाइल नंबर मिले हैं। उन नंबरों की लोकेशन, सीडीआर और व्हाट्सएप चैट को साइबर सेल टीम की मदद से ट्रेस किया जा रहा है। इसके साथ ही आरोपी जिस मकान में किराए पर रहता था उसकी भी निगरानी की जा रही है।