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Gorakhpur News: मरीज माफिया से डॉक्टर के संबंधों के मिले साक्ष्य

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मानसी अस्पताल के डॉक्टर से रंगदारी मांगने का मामला, दो माह में 10 से अधिक बार हुई बात
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अस्पताल में बयान दर्ज करने पहुंचे विवेचक लौटे खाली हाथ

गोरखपुर। मानसी अस्पताल के डॉ. पंकज दीक्षित से रंगदारी मांगने के मामले की जांच में जुटी पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे हैं। डॉक्टर की कॉल डिटेल से पर्दाफाश हुआ कि उनकी कथित मरीज माफिया के बीच दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक 10 से अधिक बार लंबी बातचीत हुई। कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं जो अब तक की जांच में अहम साबित हो रहे हैं।
इस नेटवर्क का पर्दाफाश शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित मानसी अस्पताल के संचालक डॉ. पंकज कुमार दीक्षित को दी गई धमकी और रंगदारी के मामले की जांच के दौरान हुआ। दरअसल, शुरुआत में मामला रंगदारी का लग रहा था लेकिन पुलिस की छानबीन में यह व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और मरीजों की सप्लाई को लेकर चल रहे विवाद का निकला।
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जांच में सामने आया कि डॉ. पंकज पहले अपने अस्पताल में बिहार से मरीज लाने के लिए बिट्टू खान की एंबुलेंस सेवा का उपयोग करते थे। इसके बदले कमीशन का भुगतान किया जाता था। हाल के दिनों में बिट्टू ने मरीजों को मानसी अस्पताल के बजाय सान्वी अस्पताल को भेजना शुरू कर दिया।
पुलिस ने जब डॉक्टर की कॉल डिटेल निकलवाई तो दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक डॉक्टर व कथित मरीज माफिया के बीच 10 से अधिक बार बातचीत के साक्ष्य मिले। जांच में यह भी सामने आया कि डॉक्टर और मरीज माफिया के बीच नियमित संपर्क था। कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई, जो दो माह तक लगातार चलती रही।
हालांकि मामले की जांच में देरी हुई क्योंकि डॉक्टर बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस के सामने नहीं पहुंचे।अस्पताल में जब विवेचक डॉक्टर से बयान दर्ज कराने पहुंचे तो वे बिना कोई ठोस जानकारी लिए लौट गए।


जमानत पर जेल से छूटे मरीज माफिया की सूची तैयार कर रही पुलिस
पुलिस जमानत पर जेल से छूटे मरीज माफिया की सूची तैयार कर रही है। इसके आधार पर अब शहर में सक्रिय मरीज माफिया पर नकेल कसने की तैयारी चल रही है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि कुछ दिन पहले ही मामले की जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मरीज माफिया सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में भी मरीज भेज रहे हैं। मॉनिटरिंग करने के साथ ही उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में केवल डॉक्टर ही नहीं, बल्कि अन्य अस्पताल स्टाफ और कथित माफिया के सहयोगियों की भी भूमिका की जांच की जा रही है।



वर्जनमामला गंभीर है क्योंकि इसमें स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ आपराधिक नेटवर्क की भूमिका भी सामने आई है। हर बिंदु पर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
अभी प्रारंभिक जांच चल रही है। बहुत सारे आरोप लगाए जाते हैं। इस पर मुझे कुछ नहीं कहना है। मेरे पास सारे साक्ष्य मौजूद हैं जिसे समय पर उपलब्ध करा दूंगा, जिसके बाद हकीकत सामने आ जाएगी।

- डॉ पंकज दीक्षित, संचालक, मानसी हाॅस्पिटल
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