टिकट हासिल करने के बाद आपराधिक छवि के प्रत्याशी अब अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। दर्ज मुकदमे छिपाकर ये जनता को बता रहे हैं कि चुनाव के समय उनके विरोधी जानबूझकर बदमाश साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। खुद को फंसाए जाने की दुहाई देकर कह रहे हैं कि उनके खिलाफ जो भी मुकदमे हैं, वह रंजिश में हैं। सोशल मीडिया से लेकर अन्य जगहों पर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
जनता आपराधिक छवि वालों का करे बहिष्कार
यह हमारे नगर पंचायत पीपीगंज का दुर्भाग्य है कि साफ और स्वच्छ छवि के लोगों के रहते हुए भी अपराधियों की भागीदारी चुनाव में बढ़-चढ़कर हुई है। कहीं न कहीं इसमें जनता का भी दोष है, अगर जनता अपराधियों का चुनाव में बहिष्कार कर देती तो शायद साफ और स्वच्छ छवि के लोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिलता।
: डॉ. आकाश दुबे, पीपीगंज
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नैतिकता दिखाएं राजनीतिक दल
अपराधी प्रवृत्ति के लोगों की चुनाव में भागीदारी लोकतंत्र की सबसे बड़ी त्रासदी है। इस मामले में पहले तो राजनीतिक दलों को ही नैतिकता का परिचय देते हुए अपराधियों को टिकट नहीं देना चाहिए। फिर भी ऐसा हो तो जनता को इस तरह के प्रत्याशियों को नकार देना चाहिए। लोकतंत्र को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
: आलोक मल्ल, पीपीगंज
सोच समझ कर करें मतदान
अगर चुनाव मैदान में कोई अपराधी उम्मीदवार है, तो फिर जनता की भी जिम्मेदारी है कि वह सोच समझकर मतदान करे। सिर्फ पार्टी या किसी के कहने पर वोट नहीं कर देना चाहिए। अगर जनता सख्त संदेश देगी तो नैतिकता, सुचिता का दावा करने वाले राजनीतिक दलों को भी सद्बुद्धि मिलेगी और सही लोगों को टिकट मिलेगा।
: अनुभा सिंह, रूस्तमपुर
अपराध और राजनीति के गठजोड़ के बुरे परिणाम आए दिन नजर आते हैं। अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को शुरू से ही राजनीति से दूर रखना चाहिए। आम लोगों को इनके कारनामे पता नहीं होते। ऐसे में कई बार लोग पार्टी के नाम पर अनजाने में गलत उम्मीदवार का चुनाव कर लेते हैं। जिसके दुष्परिणाम आगे चलकर नजर आते हैं। : तूलिका राय, दाउदपुर
जिला अध्यक्ष बोले
पार्टी ने कार्यकर्ताओं को टिकट दिया है। इसके लिए संचालन समितियां बनी थीं। किसी अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति या उसके परिवार को टिकट देने की जानकारी मुझे नहीं है। अगर किसी पर मुकदमा है तो वह द्वेषवश भी हो सकता है।
- युधिष्ठिर सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा
पार्टी ने सक्रिय और साफ छवि वाले लोगों को ही टिकट दिया है। यदि किसी पर मुकदमा दर्ज है तो वह भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं या फिर उनकी शह पर द्वेषवश कराया गया होगा। निष्पक्षता से जांच हो जाए तो सब साफ हो जाएगा।
- ब्रजेश गौतम, जिलाध्यक्ष, सपा।
पार्टी ने स्वच्छ छवि के लोगों को ही उम्मीदवार बनाया है। संघर्ष करने वालों पर विरोधी सरकारों ने राजनैतिक मुकदमे दर्ज कराए हैं। किसी भी उम्मीदवार पर दर्ज मुकदमे में कोर्ट से सजा नहीं हुई है, जिससे वह अपराधी माना जाए।
- जितेंद्र कुमार नीरज, जिलाध्यक्ष, बसपा।
पार्टी ने संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को ही उम्मीदवार बनाया है। संघर्ष के दौरान राजनैतिक मुकदमे दर्ज हो जाते हैं, इससे वह अपराधी नहीं कहे जा सकते। जनता के बीच कांग्रेस द्वारा किए गए कामों को लेकर हम लोग जा रहे हैं।
- निर्मला पासवान, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।