यह भी बताया कि बच्चे के गले की सारी नसें जाम हैं। जो विगो लगाया गया था वह भी जाम था। आरोप लगाया कि बच्चे की मौत के बाद भी डॉक्टर इलाज करते रहे और 70 हजार रुपये ले लिया। आरोप लगाया कि चिकित्सकों ने मृत्योपरांत भी बच्चे को जिंदा बताकर इलाज का दिखावा करते रहे। परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।
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बोले सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र ने कहा कि मामला बुधवार की देर शाम संज्ञान में आया है। इस मामले में एसीएमओ डॉ. एके मिश्र के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम को जांच के लिए नामित कर सप्ताह भर में रिपोर्ट मांगी गई है। यदि अस्पताल की लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी।