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तहसील प्रशासन का कारनामा: घर-जमीन पर हक नहीं पा रहे 'मालिकाना', मिल रही तारीख पर तारीख

Wed, 22 Jun 2022 11:05 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

रजिस्ट्री कार्यालय से देर से पहुंच रहीं फाइलें, फिर तहसील प्रशासन लगवा रहा चक्कर, खारिज-दाखिल में देरी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जता चुके हैं नाराजगी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock
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विस्तार
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लंबे समय तक भाग दौड़ करने के बाद किसी तरह बैंक से लोन पास कराकर मणिकांत यादव ने पथरा दुर्गापुरम में जमीन खरीदी। 11 अप्रैल 2022 को कलेक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा हुआ। मगर, अभी तक खारिज-दाखिल के लिए चक्कर लगा रहे हैं।

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एक महीने तक दौड़ने के बाद तहसील कार्यालय से जानकारी मिली कि 10 जुलाई को खारिज-दाखिल की तारीख पड़ी है। उधर, बैंक के अधिकारी यह कहकर निर्माण के लिए अगली किस्त नहीं जारी कर रहे कि खतौनी पर उनका नाम नहीं चढ़ा है। इसी तरह बेतियाहाता के राजन कुमार का कहना है कि पीएफ की रकम निकालने के साथ ही सारी बचत जोड़कर किसी तरह खोराबार क्षेत्र स्थित चिउटीजाम में छोटी सी जमीन ली। सात अप्रैल 2022 को बैनामा हुआ, मगर अभी तक खारिज-दाखिल नहीं हो सका।

यह तो बानगी भर है। सदर तहसील समेत जिले की सभी तहसीलों में बैनामे के दिन से 45 दिन में पूरी होने वाली खारिज-दाखिल की प्रक्रिया के लिए 70-80 दिन बाद भी लोग तहसील कार्यालय से लेकर डीएम दफ्तर तक के चक्कर लगा रहे। तहसील प्रशासन का कहना है कि रजिस्ट्री कार्यालय से ही उनके पास समय से दस्तावेज नहीं आ रहे।
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वहीं रजिस्ट्री कार्यालय, कर्मचारियों की कमी का रोना रो रहा है। और, इन दोनों ही कार्यालयों के बीच बैनामेदार पीस रहे हैं। प्रशासन के स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो एक ही साथ ऐसे कई पीड़ित सोमवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित मुख्यमंत्री की जनता दर्शन में पहुंच गए। उन्होंने, मुख्यमंत्री को प्रार्थनापत्र सौंपकर अपनी पीड़ा बयां की। एक ही तरह के मामले में कई लोगों को पीड़ित देख मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द सभी मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। बावजूद इसके लिए मंगलवार को भी तमाम आवेदक, रजिस्ट्री कार्यालय से लेकर तहसील कार्यालय तक परेशान दिखे।   

 

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सदर तहसील, एआरओ कोर्ट का हाल सबसे खराब

लंबित खारिज-दाखिल के मामलों को लेकर सबसे खराब हाल सदर तहसील और सहायक अभिलेख अधिकारी (एआरओ) कोर्ट का है। निर्विवाद खारिज दाखिल के मामलों में भी सहायक अभिलेख अधिकारी के कोर्ट में तारीख पर तारीख लग रही है। इसकी शिकायत डीएम से लेकर शासन तक हो चुकी है।   तहसील खजनी के चकबंदी सर्वे प्रक्रिया में चल रहे गांव मठरामगिरी, बेलाव खुर्द एहतमाली, माझा कम्हरिया, मझदीप, जिगिनिया शाहपुर के सर्वाधिक लोग इस समस्या से परेशान हैं।

डीएम कृष्णा करूणेश ने कहा कि खारिज दाखिल के लंबित मामलों की समीक्षा कराई जा रही है। जल्द इनका निस्तारण कराया जाएगा। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। तय समय पर समस्याओं का निस्तारण नहीं करने वालों और आमजन को बिना वजह दौड़ाने वालों की जवाबदेही तय करते हुए उनपर भी कार्रवाई की जाएगी।
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