उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने समय विस्तारण शुल्क के मामले में उद्यमियों को बड़ी राहत दी है। औद्योगिक, व्यावसायिक एवं ग्रुप हाउसिंग संस्थागत श्रेणी के भूखंड लेने वाले आवंटियों के लिए अब समय विस्तारण शुल्क हरेक माह के अनुसार देना होगा। यूपीसीडा प्रबंधन ने ऐसे आवंटियों को इकाई की स्थापना के समय की विस्तारित करने के लिए अवधि तीन माह से घटाकर एक माह कर दी है। इस फैसले से गोरखपुर और बस्ती मंडल के करीब 900 आवंटियों को इसका फायदा होगा।
अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास एवं अध्यक्ष यूपीसीडा की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के संचालक मंडल की बोर्ड बैठक में इसको मंजूरी दे दी गई है। यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कोविड-19 से परेशान अपनों को राहत देना प्राथमिकता है।
आवंटन के बाद इकाई स्थापना करने के लिए निर्धारित होता है समय
यूपीसीडा प्रबंधन जब किसी को भूखंड देता है तो उस पर इकाई की स्थापना के लिए समय भी निर्धारित होती है। निर्धारित अवधि में जब स्थापना का कार्य नहीं हो पाता है तो आवंटी प्राधिकरण प्रबंधन से समय और बढ़ाने की मांग करता है। समय का विस्तार करने के लिए प्रबंधन जून 2017 के बाद के आवंटन से वर्तमान भूखंड की दर पर 10 से 15 फीसद का शुल्क लेता है जबकि 2017 के पूर्व आवंटित भूखंडों पर आवंटन के समय ली गई दर पर समय विस्तार शुल्क की वसूली की जाती है। उद्यमी निर्धारित अवधि बीतने के बाद भले ही 10 दिन में इकाई चालू कर दे लेकिन उसे न्यूनतम तीन माह का समय दिया जाता था और बदले में शुल्क लिया जाता था। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बड़ी पहल की और समस्त निस्तारण की न्यूनतम सीमा को तीन माह से घटाकर एक माह कर दिया।