गीडा सीईओ ने बताया कि राजीव अग्रवाल ने गीडा प्रशासन द्वारा कई बार आग्रह के बाद भी अद्यतन देयों का भुगतान नहीं किया है। सबसे पहले उन्होंने वर्ष 2020 में गीडा के सेक्टर 13 में क्वार्ट्ज ओपल वेयर के नाम से करीब 10 हजार 800 वर्ग मीटर जमीन आवंटित कराई। यहां इकाई स्थापित करने की बजाय जमीन को अपर्याप्त बताते हुए उसके बदले सेक्टर-26 में दोगुना क्षेत्रफल की जमीन आवंटित कराई।
निवेश को बढ़ावा देने के लिए जमीन पूरी सहूलियत के साथ दी गई। जमीन देने के बाद अब तक उन्होंने पूरा भुगतान नहीं किया गया है। अलग-अलग मदों में उनका 82 लाख रुपये से अधिक बकाया है। जबकि, उनसे बाद उनके बगल में जमीन आवंटित करने वाले सीपी मिल्क ने फैक्ट्री का निर्माण शुरू कर दिया है। अधिकतम तीन माह में निर्माण शुरू करना होता है और राजीव अग्रवाल 10 माह बाद भी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं कर सके हैं।
गीडा प्रशासन की तरफ से कई बार लिखित अनुरोध किए जाने के बाद भी मेसर्स क्वार्ट्ज ओपलवेयर ने न तो भूखंड पर कब्जा प्राप्त किया और न ही निर्धारित देयकों का भुगतान किया है। इसे लेकर गीडा की ओर से नोटिस भी दी गई है। इस पर डीएम ने बताया कि गीडा प्रबंधन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उद्यमियों का पूरा सहयोग प्रशासन कर रहा है। उद्यमी को देयकों का भुगतान कर इकाई स्थापित करनी चाहिए।
गोरखपुर जिले में पंजीकृत बेरोजगारों की बात करें तो यह संख्या 81,327 है। कोरोना महामारी के दौरान 15 हजार लोग अन्य प्रदेशों से आए थे। हालांकि, समिट में जिस तरह रोगजार की बात कही जा रही है, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में युवाओं को रोजगार मिलेगा और बेरोजगारों की इस लिस्ट में कुछ हद तक कमी आएगी।
उद्योग उपायुक्त गौरव मिश्रा ने कहा कि गोरखपुर जिले को कुल 77 हजार 35 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव मिला है। इसमें सबसे बड़ा निवेश 22 हजार 500 करोड़ रुपये का है। ग्रीन अमोनिया, ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश हो रहा है। इसी तरह सॉफ्ट ड्रिंक, सरिया, सीमेंट सहित बेवरेज जैसे क्षेत्रों में निवेश होगा।