सहजनवां में तीन, पिपरौली में एक, सरदारनगर में दो मरीज मिले व एक की मौत, पिपराइच में दो, बेलघाट में तीन मरीज मिले व एक की मौत, चरगांवा में दो मरीज व एक की मौत, खोराबार में एक, खजनी एक, गोला में दो मरीज मिले व एक की मौत हुई है। जंगल कौड़िया में दो और कैंपियरगंज में इंसेफेलाइटिस का एक मरीज मिला है।
2020 में हुई थीं 13 मौतें
कोरोना की पहली लहर में बच्चे संक्रमण की चपेट में कम आए थे। लेकिन इंसेफेलाइटिस के 227 मरीज मिले थे और 13 की मौत हुई थी। दूसरी लहर के बीच इंसेफेलाइटिस से अब तक चार मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं कोरोना से जिले में अब तक छह बच्चों की मौत हुई है।
जिले के 12 हजार बच्चों पर एक डॉक्टर
आबादी की बात करें तो जिले में करीब 18 लाख बच्चे हैं। इसमें 0 से पांच साल के करीब छह लाख और छह से 18 साल के करीब 12 लाख बच्चे शामिल हैं। इस आबादी के अनुपात में 12 हजार बच्चों पर एक डॉक्टर हैं। इनमें निजी अस्पतालों के चिकित्सक भी शामिल हैं। सिर्फ सरकारी डॉक्टरों पर यह संख्या 20 हजार के आसपास हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के पास प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल 14 बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जिला अस्पताल में यह संख्या 12 और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 25 से 30 के बीच है।