अब एलिवेटर (लिफ्ट) आपके इशारों पर चलेगा। कौन सी मंजिल पर जाना है, सिस्टम यह उंगलियों के इशारे से समझ जाएगा। लिफ्ट के बटन को छूने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह संभव हुआ है सेंसर युक्त ऐसे यंत्र से, जिसे गोरखपुर के एमएमयूटी परिसर स्थित राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलेट) के एमटेक छात्र सुमित कुमार वैश्य ने वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया है। यह तकनीक कोरोना संक्रमण से बचाव में मददगार साबित होगी। जल्द ही इसे उत्पाद के रूप में बाजार में उपलब्ध कराने की तैयारी है।
छह महीने के अथक प्रयास से सुमित ने अपने इस प्रोजेक्ट को मूर्तरूप दिया है। सुमित ने बताया कि अप्रैल में जब लॉकडाउन था तो उसी समय इस तरफ ध्यान गया। लिफ्ट के बटन को चाबी या किसी अन्य वस्तु से दबा रहे थे, निकलने के बाद बार-बार हाथों को सैनिटाइज करना पड़ रहा था।
संस्था के निदेशक डॉक्टर एकेडी द्विवेदी से मैंने इसकी चर्चा तो उन्होंने तुरंत संस्था के वैज्ञानिकों को मेरे साथ जल्द से जल्द इस पर काम करने को निर्देशित किया। इस यंत्र को बनाने में उच्च गुणवत्ता के इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट का प्रयोग किया गया है। जिनमें से कुछ अमेरिका से भी मंगवाए गए हैं। इस यंत्र को संस्था के इलेक्ट्रॉनिक्स विभागाध्यक्ष व ज्वाइंट डायरेक्टर एसके सिंह तथा वैज्ञानिक दीपम दूबे कि देखरेख में विकसित किया गया है।