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Gorakhpur News: दो दिनों से मदमस्त नजर आ रहा था हाथी, तीन लोगों की ले चुका है जान

Sat, 14 Oct 2023 03:08 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

डीएफओ विकास यादव ने कहा कि वन विभाग के साथ पशु चिकित्सकों की टीम बुलाई है। हाथी पर पूरी टीम की नजर है। वन विभाग की टीम के पहुंचने के पहले महावत लोगों ने हाथी को नियंत्रित करने का प्रयास किया था। इसी दौरान एक महावत घायल हो गया था।
 
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हाथी को काबू में करने का प्रयास करते महावत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर में आठ माह पहले तीन लोगों की जान लेने वाले बिगड़ैल हाथी को विनोद वन में रखा गया है। दो दिनों से वह मदमस्त नजर आ रहा है। बृहस्पतिवार को हाथी ने पैरों में बंधी जंजीर को तोड़ दिया था। डीएफओ विकास यादव का कहना है कि हाथी इन दो महीनों में उत्तेजित स्वभाव में रहते हैं। इसी वजह से थोड़ी दिक्कत हुई है। उन्होंने बताया कि हाथी को बाड़े में शिफ्ट करने का प्रस्ताव शासन स्तर पर लटका हुआ है।

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शुक्रवार सुबह हाथी फिर बिदक गया। नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे महावत मंगू को उसने उठाकर पटक दिया। इससे मंगू गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद अन्य महावतों और वन विभाग के विशेषज्ञों ने किसी तरह मदमस्त हाथी को नियंत्रित किया। घायल महावत मंगू को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

मौके पर डीएफओ विकास यादव, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह के साथ रेस्क्यू की टीम मौजूद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार की दोपहर में करीब एक बजे से ढाई बजे तक गोरखपुर शहर से एयरपोर्ट होते हुए कोनी में जाकर हाईवे में मिलने वाले मेन रोड पर आवागमन रोक दिया गया।
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डीएफओ विकास यादव ने कहा कि वन विभाग के साथ पशु चिकित्सकों की टीम बुलाई है। हाथी पर पूरी टीम की नजर है। वन विभाग की टीम के पहुंचने के पहले महावत लोगों ने हाथी को नियंत्रित करने का प्रयास किया था। इसी दौरान एक महावत घायल हो गया था।

चिड़ियाघर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि व्यस्क नर हाथी का 8-12 माह में एक बार मस्त में आना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसके बाद हाथी का व्यवहार बदल जाता है। उसमें उग्रता आ जाती है। उसको ऐसे शांत स्थान पर बांधकर रखा जाता है, जहां कोई डिस्टर्बेंस न हो। इस दौरान महावत के अतिरिक्त कोई भी उसके आसपास नहीं जाता है।

 
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