बिजली निगम के अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों की हड़ताल के बीच मंडल के 205 संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनमें देवरिया के 24, गोरखपुर के 14 और कुशीनगर के 167 संविदा कर्मचारी शामिल हैं। वहीं, एजेंसियों को नोटिस जारी किया गया है। अंदेशा है कि और कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।
साजिश कर संविदाकर्मियों को हटवाया गया
नाम न छपने की शर्त पर संविदाकर्मियों ने बताया कि जिनकी सेवाएं समाप्त की गई हैं, वे साजिश का शिकार हुए हैं। इनका कहना है कि हड़ताल के दौरान संविदा कर्मचारियों ने बढ़चढ़ कर आपूर्ति को प्रभावी बनाए रखने का काम किया, लेकिन कुछ लोगों ने साजिश के तहत उन्हें फंसा दिया।
फोटो ग्रुप पर भेजकर साबित करना पड़ रहा
आठ हजार रुपये की नौकरी थी, हम ही गलत
कौड़ीराम के संविदाकर्मी धर्मेंद्र यादव पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि हमारी ही गलती सबसे अधिक है। आठ हजार रुपये के मानदेय से परिवार का भरण पोषण किया जाता है। 24 घंटे हर परिस्थितियों में बिजली घर और आपूर्ति प्रभावी बनाए रखने के लिए काम किया। हड़ताल के दौरान भी काम किए, लेकिन प्रबंधन ने हमारी सेवाएं समाप्त कर दीं।