गोरखपुर के झंगहा थानाक्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामपुरा में बृहस्पतिवार को अंकित (8) की मौत वज्रपात से नहीं बल्कि करंट से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बिजली निगम के दावों को झूठा साबित कर दिया। रिपोर्ट में अंकित बाएं हाथ की हथेली में करंट लगने की बात सामने आई है। शनिवार शाम को बिजली निगम ने बच्चे की मां के खाते में पांच लाख रुपया मुआवजा भेजा।
ब्रह्मपुर ब्लॉक के रामपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच के छात्र अंकित की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इस संबंध में विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधीक्षण अभियंता डीके सिंह ने निगम की लापरवाही को नकारते हुए वज्रपात से बच्चे की जान जाने का दावा किया था।
साथ ही एक कमेटी गठित करने की बात कही थी। शुक्रवार को पुलिस ने जब बच्चे का पोस्टमार्टम कराया तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट से मौत की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, बाएं हथेली से करंट की एंटी हुई थी। निकासी बाएं पैर के जरिए हुई।
अधीक्षण अभियंता डीके सिंह ने परिजनों से वादा किया था कि यदि बच्चे की मौत वज्रपात से होती है तो उन्हें दैवी आपदा कोष से मुआवजा दिया जाएगा। वहीं यदि करंट से मौत की पुष्टि होती है तो बिजली निगम मुआवजा देगा।
टीम अभी कर रही जांच
अधीक्षण अभियंता डीके सिंह का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट करंट से मौत की आई है। लेकिन करंट वज्रपात का है या बिजली से है, यह स्पष्ट नहीं है। हालांकि करंट से मौत जरूर हुई है। विभाग की कोई भी लापरवाही अभी तक सामने नहीं आई है। टीम अभी जांच कर रही है।
यह था मामला
रामपुरा में स्थित प्राथमिक विद्यालय के परिसर से 11 हजार का हाईटेंशन तार गुजरा है और ट्रांसफार्मर भी लगा है। गांव का अंकित अपने बड़े भाई अखिलेश के साथ बृहस्पतिवार को पढ़ने गया था। बड़े भाई अखिलेश ने बताया था कि बारिश बंद होने पर एक बजे शिक्षक ने सभी बच्चों को घर जाने के लिए कहा। लेकिन उसे और उसके भाई को रोक लिया और रुपये देकर दुकान से पकौड़ी लाने के लिए भेजा।
शिक्षक के कहने पर दोनों भाई परिसर में लगे पानी से होते हुए पकौड़ी लेने के लिए जाने लगे। ट्रांसफॉर्मर के करीब पहुंचने पर उसका छोटा भाई अंकित पानी में उतरे करंट की चपेट में आ गया और नीचे गिरकर छटपटाने लगा। ग्रामीण के साथ पिता प्रमोद प्रजापति व अन्य परिजन उसे लेकर पीएचसी केंद्र ब्रह्मपुर पहुंचे जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया था।