बिजली बिल बकाएदारी के बाद भी फर्जी भुगतान रसीद का सहारा लेकर लाइन जोड़ने के मामले सामने आए हैं। इसे एक मोबाइल नंबर से लगातार निजी कंपनी के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा जा रहा है। लाइन जुड़वाई जा रही है। अब मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
मोबाइल नंबर के साथ पुलिस से भी शिकायत की गई है। चर्चा है कि जिन उपभोक्ताओं की लाइन फर्जी बिल के माध्यम से दोबारा जुड़ी है, उनसे भी पुलिस पूछताछ करेगी।
बक्शीपुर के एसडीओ ने बकाएदारी में 13 अक्तूबर को स्मार्ट मीटर के उपभोक्ता का कनेक्शन काटने का निर्देश दिया था। ऑनलाइन सिस्टम में कनेक्शन काट भी दिया गया। अगले दिन भी जब उपभोक्ता कनेक्शन जुड़वाने के लिए नहीं आया तो एसडीओ ने अवर अभियंता को जांच के लिए भेजा। इसके बाद पता चला कि उपभोक्ता की लाइन चल रही है।
एसडीओ ने निजी कंपनी के जिम्मेदारों से पूछा तो ग्रुप में जमा रसीद के बारे में बताया गया। रसीद की जांच की गई तो वह फर्जी पाई गई। इसी का नतीजा रहा कि सभी रसीदों की जांच की गई। बक्शीपुर खंड में ही 35 उपभोक्ताओं का कटा कनेक्शन फर्जी रसीद के आधार पर जोड़ने की पुष्टि हुई है।
टाउनहाल, मोहद्दीपुर और राप्तीनगर खंड में भी कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन फर्जी भुगतान रसीद के आधार पर ही जोड़े गए हैं। निजी कंपनी एलएंडटी के सिटी इंचार्ज मो. लुकमान खान ने बताया कि व्हाट्सएप ग्रुप तीन साल पहले का बना है। इसमें ज्यादातर लोगों को बिजली निगम ने जोड़ा है। अब नया ग्रुप बनाया जाएगा। इस ग्रुप में उन्हीं लोगों को जोड़ा जाएगा, जिनकी पूरी प्रक्रिया में हिस्सेदारी होगी।
शहरी अधीक्षण अभियंता यूसी वर्मा ने कहा ि फर्जी भुगतान रसीद बिल के माध्यम से कटी लाइन को जुड़वाने का मामला सामने आया है। जांच की जा रही है। आरोप साबित होने पर जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। स्मार्ट मीटर के कटे कनेक्शन पर बिजली बिल जमा करने की सूचना और बिल स्मार्ट मीटर वाले एक ग्रुप में भेजी जाती है। इसी आधार पर लाइन जोड़ी जाती। लेकिन, इसमें गड़बड़ी हो रही है।