गोरखपुर महोत्सव की चमक इस बार आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने पर मंद पड़ सकती है। प्रशासन और पर्यटन विभाग सहित संबंधित विभाग हालांकि, महोत्सव की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन आचार संहिता लगने की आशंका से भी ग्रस्त हैं।
11 से 13 जनवरी तक होने वाले महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम और शिल्प मेले की रूपरेखा तैयार करने के लिए 12 नवंबर को संबंधित अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें कार्यवृत्त भी तय हुई। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि पांच से छह जनवरी तक चुनाव की घोषणा हो जाएगी। इसके साथ ही आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी जिससे महोत्सव की चमक मंदी पड़ सकती है।
महोत्सव में राजनीति से जुड़े व्यक्तित्व या चुनाव के संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता थम सकती है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी आदर्श चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर बदलाव किया जा सकता है। कार्यक्रम का उद्घाटन भी उतना भव्य नहीं होगा, जितना पिछले महोत्सवों में रहा।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि गोरखपुर महोत्सव की तैयारियां चल रही हैं, यदि चुनाव की घोषणा होती है तो चुनाव आयोग की गाइडलाइन का पालन करते हुए महोत्सव का आयोजन कराया जाएगा।