रात में वह महिला के पास गया, वह गले में बटुआ पहनकर सोई थीं। सूर्य प्रकाश ने बटुआ से चाबी निकालने की कोशिश की तो कैलाशी जग गई और शोर मचाने पर उसने बटुआ की रस्सी से उनका गला कस दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद उसने बटुआ में रखे 300 रुपये भी निकाल लिए। फिर मंदिर का दरवाजा खोलकर दानपात्र में रखे दो से ढाई हजार रुपये निकालकर फरार हो गया तथा मोहद्दीपुर में ही शिव मंदिर पर जाकर सो गया।
एसओजी की मदद से सीसीटीवी कैमरे से खुला राज
एसओजी प्रभारी मनीष यादव की टीम ने घटना वाले दिन ही एक सीसीटीवी कैमरे का फुटेज हासिल कर लिया था। फिर कैंट इंस्पेक्टर शशिभूषण राय की मदद से जांच को आगे बढ़ाए। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे से सूर्य प्रकाश मिश्र की पहचान हो गई थी। आरोपी ने घटना भी कबूल की है।