महानगर के आरोग्य मंदिर उप डाकघर से पेंशनर के खाते से आठ लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। दो महीने पहले भी प्रधान डाकघर समेत तीन डाकघरों से निष्क्रिय (साइलेंट) खातों से 92 लाख रुपये निकाले गए थे जिसकी जांच चल रही है। इसी बीच नया मामला सामने आने से डाककर्मियों में हड़कंप मचा है।
दरअसल प्रधान डाकघर, विश्वविद्यालय व कूड़ाघाट डाकघर के सैकड़ों निष्क्रिय खातों को सक्रिय कर कुछ लिपिकों ने 92 लाख रुपये का घालमेल कर दिया। मामला पकड़ में आने के बाद एसएसपी डाक ने लिपिकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। सभी आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।
खातों की जांच चल रही है। इसी बीच जांच के दौरान आरोग्य मंदिर शाखा से भी आठ लाख रुपये निकालने का मामला पकड़ा गया। बताया गया कि मूल रूप से सहजनवां क्षेत्र के रहने वाले एक पेंशनर को आरोग्य मंदिर उप डाकघर से पेंशन मिलती थी। करीब चार साल पहले उनकी मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि डाकघर के कुछ जिम्मेदारों ने पेंशन खाते को सक्रिय कर उसका संचालन जारी कर दिया।
पेंशन की राशि खाते में आती रही और हर महीने निकासी की जाती रही। पिछले सप्ताह मामला संज्ञान में आने पर प्रवर डाक अधीक्षक ने जांच टीम को आरोग्य मंदिर उप डाकघर भेजा। जांच में मामले की पुष्टि हुई। टीम ने शनिवार को एसपीएम व लिपिक का बयान दर्ज किया। मामला संज्ञान में आने पर पीएमजी ने प्रवर डाक अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है।
एसएसपी मनीष कुमार ने बताया कि सहजनवां के एक पेंशनर के भुगतान का मामला सामने आया है। इसका भुगतान आरोग्य मंदिर उप डाकघर से किया गया है। कागजों की पड़ताल के बाद परीक्षण किया जाएगा कि क्या भुगतान नियमानुसार हुआ है या इसमें अनियमितता बरती गई है।