इंडस्ट्रियल इस्टेट में भी फ्लैटेड फैक्टरी के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। गोरखपुर में जिला उद्योग केंद्र की ओर से इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। साथ ही शासन से हथकरघा विभाग की प्रस्तावित जमीन को उद्योग विभाग के नाम ट्रांसफर करने का शासन से मांग की गई है।
एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल रेडीमेड गारमेंट को बढ़ावा देने के लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के बाद अब इंडस्ट्रियल इस्टेट में भी फ्लैटेड फैक्टरी प्रस्तावित की गई है। फैक्ट्री का निर्माण हथकरघा विभाग की जमीन पर कराने की योजना है। जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया शासन स्तर पर संपन्न होगी। उसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव के समक्ष रखा गया था प्रस्ताव
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सबसे पहले गीडा में फ्लैटेड फैक्टरी बनाने की मंजूरी मिली है। गीडा में 70 उद्यमियों को इकाई लगाने के लिए स्थान मिल सकेगा। गीडा में मंजूरी मिलने के बाद उद्यमियों ने इंडस्ट्रियल इस्टेट गोरखनाथ में भी हथकरघा विभाग की खाली पड़ी जमीन पर फ्लैटेड फैक्टरी स्थापित करने की मांग की। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल के गोरखपुर आगमन पर उद्यमियों ने यह मांग रखी थी। उद्यमियों की मांग के बाद यहां भी फैक्टरी बनाने का निर्णय लिया गया है। कुछ दिन पहले जिला उद्योग केंद्र की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है।
उपायुक्त उद्योगरवि कुमार शर्मा ने बताया कि इंडस्ट्रियल इस्टेट में फ्लैटेड फैक्टरी बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन स्तर पर ही जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होनी है। उसके बाद डीपीआर तैयार की जाएगी।