तिवारी हाते के बाहर खड़े समर्थक
- फोटो : अमर उजाला
तिवारी हाते के बाहर लखनऊ नंबर की गाड़ियां
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कारीगर के बाहर आते ही जुट गए लोग, तो कार से छोड़ा
ईडी की टीम के अंदर जाने के बाद अलमारी खोलने के लिए कारीगर की जरूरत थी। इसके बाद लोकल पुलिस से संपर्क कर कोतवाली इलाके से एक कारीगर को लाया गया। गेट खुलते ही वह अंदर गया और आलमारी खोलने के बाद वह बाहर गया। बाहर आते ही उससे लोग अंदर हो रही कार्रवाई के बारे में जानने की कोशिश करने लगे।
इसकी जानकारी होने के बाद अंदर से एक कार आई और कारीगर को उसकी दुकान पर छोड़ दिया गया। ईडी के छापे की कार्रवाई की खबर सुनते ही समर्थक जुटने लगे। हालांकि, अंदर किसी से संपर्क करने की अनुमति किसी को नहीं है। सभी को फोन भी ईडी टीम ने जब्त कर लिए हैं।
हाते की अंदर सिर्फ पूर्व मंत्री के बड़े बेटे पूर्व सांसद कुशल त्रिपाठी हैं और परिजन हैं। छोटे बेटे पूर्व विधायक विनय त्रिपाठी लखनऊ स्थित आवास पर हैं।