मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अर्थव्यवस्था का समय है। देश-प्रदेश समृद्ध विरासत के साथ आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे तो प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ेगी। इससे बुनियादी जरूरतें पूरी होंगीं और खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में गांव स्वावलंबी और आत्मनिर्भर होते थे। आज के दौर के अनुरूप स्कूल, मार्केट, कनेक्टिविटी, रोजगार, परिवहन जैसी सुविधाएं शहरी जीवन में ही संभव हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति विकास प्राधिकरणों या आवास विकास परिषद से मकान खरीदता है तो उसे आवास, स्कूल, पार्क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, हेल्थ केयर आदि की बेहतर सुविधा उपलब्ध होती है।
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प्रदेश में पौने तीन करोड़ परिवारों को मिला शौचालय
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना से प्रदेश में 55 लाख ऐसे गरीब परिवार लखपति हो गए जिनके पास सिर ढकने की जगह नहीं होती थी। आज उन्हें उपलब्ध कराए गए आवासों की कीमत कम से कम 10 लाख रुपये है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में पौने तीन करोड़ परिवारों को शौचालय की भी सुविधा दी गई है। बड़ी संख्या में लोगों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, आयुष्मान हेल्थ कार्ड, पेंशन आदि से लाभान्वित किया गया है। ये सभी कदम ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को प्राप्त करने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के प्रयास हैं।
गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार दोपहर बाद गोरखनाथ मंदिर परिसर में आंवले के पेड़ के नीचे भोजन ग्रहण कर एकादशी व्रत का पारण किया। मुख्यमंत्री कार्तिक शुक्ल एकादशी (देव उठनी एकादशी) पर बृहस्पतिवार को व्रत पर थे। द्वादशी को उन्होंने पंरपरागत रूप से आंवले के पेड़ के नीचे भोजन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सांसद रवि किशन शुक्ल, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह समेत मंदिर परिवार के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने मठ के कार्यालय के सामने बने बगीचे में आंवले के पेड़ के नीचे भोजन प्रसाद ग्रहण किया।