होम आइसोलेशन में रहकर महामारी को दी मात।
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गोरखपुर के डॉ. मनोज कुमार मिश्र कोरोना की दोनों लहरों में संक्रमित हो गए और होम आइसोलेशन में रहकर महामारी को हराया। एक बार फिर वे कोविड मरीजों की सेवा में जुट गए हैं। उन्हें अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ी और न ही ऑक्सीजन के लिए लंबी कतार लगानी पड़ी। डॉ. मनोज चरगांवा ब्लॉक के रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) के चिकित्सा अधिकारी हैं। उन्होंने वैक्सीन की दोनों ही डोज लगवाई थी लिहाजा उन्हें अधिक परेशानी नहीं हुई।
पिछले साल अगस्त के आखिरी सप्ताह में डॉ. मनोज को बुखार हुआ। एक-दो दिन बुखार की दवा लेने के बाद भी जब हालत नहीं सुधरी तो उन्होंने कोविड जांच करवाई। अगस्त की 31 तारीख को जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हो गई। शरीर में दर्द के अलावा सांस फूलने की भी दिक्कत उन्हें महसूस होने लगी। ऑक्सीजन लेवल 90 से ऊपर था और सीने में सिर्फ दर्द था इसलिए डॉ. मनोज ने होम आइसोलेशन का विकल्प चुना।
15 सितंबर 2020 को उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गयी। कोरोना को झेल चुके डॉ. मनोज ने जैसे ही टीकाकरण शुरू हुआ, आगे बढ़ कर कोविड का टीका लगवा लिया। मार्च 2021 तक टीके की दोनों खुराक पूरी कर लीं। वह कहते हैं कि टीके की दोनों डोज लेने के बाद उनमें काफी आत्मविश्वास आ गया।