जांच में जुटी पुलिस को डॉक्टर मिश्रा के अपहरण की जानकारी सामने आई। अपहर्ताओं ने उन्हें छोड़ने के बदले 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। अपहरण की घटना समाने आने के बाद सनसनी फैल गई। पुलिस ने किसी तरह से उन्हें बरामद किया। हालांकि यह भी चर्चा रही कि फिरौती देने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया था पर इस बात को न तो उस समय पुलिस ने स्वीकार किया था और न ही डॉक्टर मिश्रा या उनके परिवार ने।
पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी शुरू की तो अपहरण में करीब दर्जन भर बदमाशों का नाम सामने आया था। इनमें से एक अभोरिक यादव भी था। पुलिस ने एक के बाद एक कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में मुख्य आरोपी भानु प्रताप यादव बांके पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। जबकि भोरिक यादव और अजीज फरार चल रहे थे।
एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के सिहुलिया के रहने वाले अभोरिक यादव को खोरबार इंस्पेक्टर राहुल सिंह और क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को खोराबार इलाके में फोरलेन अंडर पास से गिरफ्तार किया। एसएसपी ने बताया कि अभोरिक करीब 14 साल से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है। एक अन्य आरोपी अजीज अभी फरार चल रहा है उसकी तलाश जारी है।