उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में स्थानीय सीएचसी में रविवार रात इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी कर रहे दो डॉक्टर समेत पांच कर्मचारियों के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की। डॉक्टर की सूचना पर पहुंची पुलिस को देख दबंग फरार हो गए।
डॉ. राजेश कुमार ने सोमवार सुबह सीओ को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि वह इमरजेंसी में आए मरीज का इलाज कर रहे थे। इसी बीच कुछ लोग एक मरीज को लेकर पहुंचे और मेडिकल बनवाने के लिए दवाब बनाने लगे। जब इसका विरोध किया गया तो मेरे व अन्य कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने लगे।
विरोध करने पर मनबढ़ों ने मारपीट शुरू कर दी। इससे नाराज डॉक्टर और कर्मचारी सोमवार सुबह अस्पताल में ताला लगाकर कोतवाली पहुंचे। आरोप है कि घंटों इंतजार के बाद भी कोतवाल अपने आवास से बाहर नहीं निकले, जिससे नाराज डॉक्टर व कर्मचारियों ने कोतवाली में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम के पास पहुंच पत्रकर देकर कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस एक नामजद समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार रात इमरजेंसी वार्ड में डॉ. राजेश कुमार, आलोक कुमार, फार्मासिस्ट सुरेश चंद्र, लोकेंद्र कुमार और अरुण वर्मा ड्यूटी में तैनात थे। डॉक्टर का आरोप है कि रात करीब 9.30 बजे नगर के वार्ड नंबर-10 निवासी मयंक कुमार गुप्ता को लेकर कुछ लोग सीएचसी पहुंचे। उनके सिर में हल्की चोट लगी थी। जिसको लेकर तीमारदार मेडिकल बनवाने की बात कर रहे थे।
ओपीडी बंद रहने से परेशान रहे मरीज
इसी बीच एक इमरजेंसी केस आ गया, जिसको देखने के लिए वार्ड से बाहर चले गए। अस्पताल में तैनात कर्मचारी अरुण वर्मा ने डॉक्टर को इमरजेंसी मरीज की इलाज करने की बात कह कुछ देर इंतजार करने को कहा। इस पर वे आक्रोशित हो गए और दो डॉक्टर समेत पांच कर्मचारियों से मारपीट शुरू कर दी।
जिसमें डॉ. राजेश कुमार, आलोक भारती, सुरेश चंद्र, लोकेश कुमार व अरूण वर्मा घायल हो गए। मामला बढ़ता देख डॉक्टर राजेश कुमार ने कोतवाली पुलिस को फोन कर दी। पुलिस को देख मनबढ़ अपनी चार पहिया वाहन छोड़कर फरार हो गए।
सोमवार की सुबह पुलिस वाहन को कब्जे में लेकर कोतवाली चली गई। नाराज डॉक्टर व कर्मचारियों ने ओपीडी में ताला बंद कर कोतवाली पहुंचे। जबकि इमरजेंसी चलता रहा। डॉक्टर व कर्मचारी कोतवाली में प्रदर्शन के बाद तहसील पहुंचे और एसडीएम ओमप्रकाश बरनवाल से मिलकर न्याय दिलाने की बात कही।
सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश इंस्पेक्टर को दिया गया है। वहीं कोतवाल नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि मयंक कुमार गुप्ता पुत्र सरवन गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश की जा रही है।
डॉक्टर व कर्मचारियों के पिटाई के बाद सोमवार को सीएचसी में ओपीडी बंद रहा। जिसके चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं गंभीर मरीजों का इलाज इमरजेंसी वार्ड में किया गया। दोपहर तकरीबन 2.45 बजे सीएचसी पहुंचे सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय के आश्वासन के बाद ओपीडी चालू किया गया। जिसके बाद मरीजों का इलाज किया गया। सीएचसी के प्रभारी डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि ओपीडी शुरू कर दिया गया है। मंगलवार से नियमित ओपीडी संचालित होगा।
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने कहा कि सलेमपुर अस्पताल में लगातार हो रही घटनाओं को पुलिस को संज्ञान में लेना चाहिए। इसके पूर्व भी कई कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा चुका है। इसके लिए जिलाधिकारी और एसपी से बात की जाएगी।