डॉ आरएन यादव ने बताया कि बच्चे के सांस की नली के नीचे दो टुकड़े थे। इसकी वजह से उसे सांस लेने में तकलीफ थी। जिसे दूरबीन विधि से सावधानी पूर्वक निकाला गया। इसमें थोड़ा समय भी लगा लेकिन अब बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य है।
उन्होंने बताया कि टीम में एनेथिसिया के एचओडी डॉ सतीश, डॉ साहब अहमद, नाक कान गला की डॉ वर्तिका तिवारी, डॉ विनती जैन का विशेष सहयोग रहा। वहीं कृष्ण मोहन ने कहा कि मेरे बच्चे के डॉक्टर भगवान बन गए और उन्होंने उसकी जान बचा ली।
सांस लेने में हो रही तकलीफ को देखते हुए बीआरडी के डॉक्टरों ने बच्चे की एहतियात के तौर पर कोरोना की जांच कराई। कोरोना में रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसका ऑपरेशन शुरू हुआ।