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अपील: आंधी, बारिश में बिजली गुल हो तो अंधेरे में ही रहें उपभोक्ता, न मिलाएं फोन

Thu, 10 Jun 2021 07:00 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

अधीक्षण अभियंता के मुताबिक बार-बार फोन से अधिकारी, कर्मचारी दबाव में आ जाते हैं, काम से ध्यान बंटता है और उससे दुर्घटना होने का भय रहता है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ani
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विस्तार
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अगर बारिश या तेज हवा चलने से बिजली गुल हो जाती है तो उपभोक्ता अंधेरे में चुपचाप रहें। कटौती के बारे में पूछने के लिए या गुल हुई आपूर्ति कब तक बहाल होगी, इसके लिए फीडर इंचार्ज या ड्यूटी इंचार्ज को फोन न करें, इससे वह दबाव में आ जाते हैं और दुर्घटना का डर बना रहता है। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने प्रेस नोट जारी कर उपभोक्ताओं से इस आशय की अपील की है।

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अधीक्षण अभियंता का कहना है कि निगम के अधिकारियों को भी कटौती होने पर जल्दी से जल्दी बिजली आपूर्ति बहाल करने फिक्र होती है। मेंटीनेंस के दौरान निगम के कर्मचारी काम करते हैं और बार-बार फोन से उनका ध्यान बंटता है। इससे दुर्घटना की आशंका रहती है।

क्या है मैसेज
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने मैसेज कर बताया कि किसी पेड़ की एक टहनी किसी तार के उसके ऊपर गिर जाती है तो पूरे क्षेत्र की बिजली बाधित कर देती है, इसलिए उपभोक्ताओं से अपील की जाती है कि बारिश और आंधी के मौसम में अगर आप बिजली गुल हो जाए तो वह संयम बरतें। बार-बार फीडर इंचार्ज (लाइनमैन) और शिफ्ट ड्यूटी इंचार्ज (बिजली चढाने वाला) को फोन ना करें, ना ही किसी अधिकारी पर दबाव बनाएं। क्योंकि जैसे ही बिजली गुल होती है सभी इंजीनियर और टेक्निकल टीम फॉल्ट को ढूंढने में लग जाती है। लेकिन अगर उसी बीच अनावश्यक फोन करेंगे तो ज्यादा समय व्यतीत होगा। किसी अधिकारी पर अनावश्यक दबाव डलवाएंगे तो वह अपने अधीन कर्मचारियों पर दबाव डालेगा और हो सकता है उस दबाव की स्थिति में कोई भी कर्मचारी जल्दबाजी में काम करते हुए किसी हादसे का शिकार हो जाए, इसलिए उपभोक्ता संयम बरतें।
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शटडाउन के नाम पर साल भर करते हैं घंटों कटौती

बिजली निगम पेड़ों की झूल रही डालियों की कटाईं छंटाई के लिए बरसात से पहले घंटों शटडाउन लेकर काम करने का दावा करता है। इसके बाद भी मानसून के वक्त पेड़ की डालियों के तार पर टूटकर गिरने का तर्क समझ से परे है। अभियंताओं, लाइनमैन की टीम को अपने क्षेत्र में ऐसे तार जिन पर पेड़ की डालियां लटकती हैं, जानकारी पहले से होती है। विद्युत उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें मानसून आने के पहले क्यों नहीं काटा जाता।

इनका ध्यान रखें उपभोक्ता  
  • अगर किसी पेड़ की कोई टहनी लाइन पर गिर जाती है तो तुरंत संबंधित अवर अभियंता या उपकेंद्र में सूचना दें, खुद उसको हाथ ना लगाएं।
  • बारिश के मौसम में बिजली लाइन से दूर रहें, किसी भी बिजली लाइन या ट्रांसफार्मर से छेड़छाड़ ना करें
  • लूपिंग ना करें , जिससे हाई वोल्टेज का करंट आपमें से प्रवाहित हो सकता है क्योंकि बारिश के मौसम में अच्छा अर्थिंग मिल जाता है।
  • कहीं पर भी चिंगारी उठ रही हो या कोई तार टूट जाए या किसी पोल या अर्थिंग सैट में करंट आ रहा हो तो तुरंत संबंधित अवर अभियंता या उपकेंद्र में सूचना दें।
  • अपने घर के पोल से किसी भी जानवर को ना बांधे, कभी भी करंट प्रवाहित हो सकता है।
  • मीटर के अलावा सीधे पोल से बिजली आपूर्ति न लें क्योंकि सप्लाई आने पर घर के उपकरण जल सकते हैं, क्योंकि मीटर एक सुरक्षा युक्ति का काम भी करता है।
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