दरअसल शासन की तरफ से पहले ही निर्देश जारी हो चुका है कि एक मई से जो भी प्रवासी मजदूर या आम आदमी बाहर से आए उसका स्वस्थ्य परीक्षण कराकर उसे घर में ही क्वारंटीन किया जाए। उसे क्वारंटीन सेंटर न भेजा जाए।
इसपर अमल भी शुरू हो गया था मगर एक मई के पहले आए बहुत से लोग अभी भी क्वारंटीन सेंटर में पड़े थे। अब प्रशासन ने उन्हें भी घर भेजने का निर्णय किया है। गुरुवार को इसपर अमल भी शुरू हो गया। ज्यादातर तहसील क्षेत्रों में क्वारंटीन किए गए लोगों को घर भेजकर वहीं क्वारंटीन कर दिया गया।
सहजनवां इलाके के सोनबरसा हड़हा गांव में क्वारंटीन सेंटर में दुर्व्यवस्था का आरोप लगाते हुए वायरल हुए वीडियो की जांच करने पहुंची ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सहजनवां अनुज मलिक और पुलिस की गाड़ी को ग्रामीणों ने बुधवार की रात घेरकर पथराव किया था।
सूत्रों की माने तो क्वारंटीन सेंटर खाली कराने के जिला प्रशासन के निर्णय के पीछे यह घटना भी है। हालांकि शासन की तरफ से पहले ही यह आदेश जारी किया जा चुका है कि जिनमें संक्रमण का लक्षण दिखे, उन्हें ही क्वारंटीन किया जाए बाकी सभी को घर जाने दिया जाए।
- ग्रामीण क्षेत्र में 8479 व शहर में 1465 लोग होम क्वारंटीन
- कुल 9944 होम क्वारंटीन , 9117 का क्वारंटीन पीरियड पूरा
- ग्रामीण क्षेत्र के 305 सेंटर में 1602 क्वारंटीन, 6692 का क्वारंटीन पीरियड पूरा
- शहरी क्षेत्र के 11 सेंटरों में 263 क्वारंटीन , 308 का क्वारंटीन पीरियड पूरा
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि शासन के निर्देश के क्रम में संक्रमण के लक्षण वाले या बीमार लोगों को छोड़कर, स्वास्थ्य परीक्षकर में स्वस्थ मिलने वाले बाकी सभी लोगों को क्वारंटीन सेंटर से घर भेजा जा रहा है। उन्हें उनके घर पर 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा। अगर कोई क्वारंटीन के प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर बार-बार घर से बाहर निकलेगा तो उसे दोबारा क्वारंटीन सेंटर में ले जाकर रखा जाएगा।