बोर्ड परीक्षा में पहली बार केंद्र बनाए जाने वाले स्कूलों की मैपिंग (जियो लोकेशन) की कड़ी निगरानी अब डीआईओएस के स्तर से गठित समिति की ओर से की जाएगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की ओर से 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2022 में आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा में इस पहल से केंद्र निर्धारण में होनी वाली देरी व झंझट से झुटकारा मिल जाएगा।
पुरानी व्यवस्था के अंतर्गत प्रधानाचार्यों को केंद्र की जियो लोकेशन को अपडेट करना होता था। मगर तकनीकी दक्षता की कमी की वजह से कई बार केंद्र की वास्तविक स्थिति से 10-10 किलोमीटर दूर तक इसकी लोकेशन चली जाती थी। बोर्ड ने जारी परीक्षा केंद्र आवंटन नीति में इसकी भी व्यवस्था की है। पिछले साल की तरह इस बार भी बालिका विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने में प्राथमिकता दी जाएगी।
यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ला ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और डीआईओएस को भेजे गए एक संदेश में कहा है कि 2022 में यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र आवंटन नीति राज्य सरकार से जारी कर दी गई है। हम इन मानदंडों के अनुसार, ऑनलाइन मोड का उपयोग करते हुए केंद्र आवंटन के लिए समयबद्ध कार्रवाई के लिए अनुरोध करते हैं।
27 नवंबर तक संसाधनों की जानकारी यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर दी जा चुकी है। जिला स्तर पर संबंधित डीएम के तहत अंतिम रूप दिए गए स्वीकृत केंद्रों की सूची 9 जनवरी को बोर्ड द्वारा अपनी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। यदि किसी छात्र, अभिभावक, प्राचार्य या प्रबंधक को प्रस्तावित केंद्रों पर कोई आपत्ति है, तो वे ऑनलाइन अपनी आपत्तियां 15 जनवरी 2022 तक बोर्ड को मेल कर दें। इन आपत्तियों के निराकरण के बाद परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची 24 जनवरी को जारी की जाएगी।