गोरखपुर जिला प्रशासन ऐसे 42 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने जा रहा है जिनपर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन लोगों की सूची बनाकर पुलिस ने कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के पास भेज दी है। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस का यह अभियान जारी रहेगा।
जानकारी के मुताबिक, कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के बाद असलहे का लाइसेंस नहीं मिल सकता है, फिर भी रसूख या फिर पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर जिले में कईयों ने लाइसेंस हासिल कर लिया। इसकी जानकारी होने के बाद एसएसपी ने सभी थानेदारों को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा तो पता चला कि तीन दिन में ही 42 ऐसे लोग मिल गए जिनके असलहे निरस्त होने चाहिए। अब इनकी रिपोर्ट तैयार कर भेज दी गई है।
सगे-संबंधियों के लाइसेंस की भी होगी जांच
जांच में कुछ ऐसे अपराधियों के नाम भी सामने आए हैं जिन्होंने खुद के नाम पर लाइसेंस न मिलने पर सगे-संबंधियों को असलहे दिलाकर उन्हें अपने साथ रखते हैं। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि ऐसे लोगों के असलहों की जांच होगी कि कहीं वह अपराधी के साथ तो नहीं चलते, फिर अपराधी उन असलहों का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं। ऐसे लोगों के लाइसेंस को निरस्त कराने के लिए पुलिस रिपोर्ट तैयार कर भेजेगी।
मृतक के नाम भी चल रहा लाइसेंस
जांच में पाया गया कि कोतवाली के सईद अहमद की मौत हो चुकी है लेकिन इनके नाम का असलहा अब भी रिकॉर्ड में जिंदा है। ये वे सईद ही हैं जिनके असलहे से उनके ही बेटे ने उनकी हत्या कर दी थी।
गोरखपुर में सामने आ चुका है फर्जी लाइसेंस का बड़ा खेल
गोरखपुर में असलहों के फर्जी लाइसेंस का बड़ा खेल सामने आ चुका है। एक साल पहले पांच सितंबर 2019 को पुलिस ने असलहा बाबू, पूर्व असलहा बाबू समेत सात लोगों को गिरफ्तार इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया था। बाद में इस मामले में कई लोग जेल भी गए। पाया गया था कि टाउनहाल स्थित रवि आर्म्स कारपोरेशन के संचालक रवि पांडेय की दुकान पर ही लाइसेंस बनते थे और इसमें डीएम दफ्तर में तैनात रहे पूर्व और उस समय के असलहा बाबू की भूमिका भी सामने आई थी।
इस प्रकरण में पुलिस ने 27 नंवबर को चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें आयुध लिपिक राम सिंह, तनवीर, प्रापर्टी डीलर विजय प्रताप, गोपी उर्फ शमशेर, विकास तिवारी, ढाबा संचालक प्रणय प्रताप, शमशाद, रवि आर्म्स कारपोरेशन के संचालक रवि पांडेय, पूर्व असलहा बाबू अशोक गुप्ता, संविदा कर्मचारी अजय गिरी, पूर्व असलहा बाबू विजय प्रकाश श्रीवास्तव, सपा नेता मोहम्मद आजम लारी, अशफाक और शाहिद को आरोपित बनाया गया था।
इनके लाइसेंस होंगे निरस्त
- जटाशंकर उपाध्याय निवासी भरवल, गीडा
- अली हुसैन निवासी करमहा, गुलरिहा के दो लाइसेंस
- रामस्नेही, सूबाबाजार, खोराबार
- बलदेव यादव, बेलीपार, वर्तमान पता पथरा, रामगढ़ताल
- इंद्रपाली यादव, डोमिनगढ़, तिवारीपुर
- बबलू कुमार गुप्ता, धर्मशाला बाजार, गोरखनाथ
- भानू, भीटी खोरिया, खजनी
- वीरेंद्र यादव, चौरीचौरा
- जयचंद, असिलाभार, उरूवा
- जयप्रकाश जायसवाल, सोनबरसा, चौरीचौरा
- धर्मराज, बड़हलगंज
- मनोज कुमार, बड़लगंज
- भीमसेन निषाद, बिस्टौली खुर्द, बेलीपार
- महेश्वर पांडेय, शिवपुर सुकरौली, गगहा
- गौतम यादव, बरही, चौरीचौरा
- वेद प्रकाश जायसवाल, सोनबरसा, चौरीचौरा
- धर्मेंद्र यादव, बेलघाट
- ओमकारनाथ, बेलघाट
- विजय बहादुर, शाहपुर, बेलघाट
- लालजी यादव, एकौना बुजुर्ग, बेलघाट
- अरुण सिंह, बेलघाट
- कमलेश शर्मा, बसडिला, खजनी
- जीत बहादुर सिंह, बनकटा, सिकरीगंज
- योगेंद्र यादव, छतियारी, सिकरीगंज
- श्रीलालदेव, सिकरीगंज
- दीनानाथ, सिकरीगंज
- अमरेंद्र प्रताप सिंह, बिजौरा, सिकरीगंज
- धनुषधारी यादव, हरपुर बुदहट
- पारस यादव, हरपुर बुदहट,
- महेंद्र तिवारी, गोला
- सहन तिवारी, गोला
- संजय तिवारी, मन्नीपुर, गोला
- डीगई यादव, बांसगांव
- राजू उर्फ राजीव, बहड़हलगंज
- रमेश दुबे, बड़हलगंज
- सोनू ओझा, बड़हलगंज
- ओमप्रकाश तिवारी, बड़हलगंज
- विजयनाथ यादव, सिकरीगंज
- लालबहादुर यादव, देवरिया
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि जिनके खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हैं, उनके शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कराने के लिए पुलिस की ओर से रिपोर्ट भेजी गई है। आगे भी पुलिस का यह अभियान जारी रहेगा।