बाढ़ के चलते अत्यधिक क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए 95100 रुपये तथा आंशिक क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए 5200 रुपये की सहायता राशि पीड़ित व्यक्ति को दी जाएगी। इसी तरह आंशिक क्षतिग्रस्त कच्चे मकान के लिए 3200 रुपये, क्षतिग्रस्त या नष्ट झोपड़ी के लिए 4100 रुपये मिलेंगे। मकान से संबद्ध पशुशाला के क्षतिग्रस्त होने पर 2100 रुपये की मदद का प्रावधान है। किसी व्यक्ति का मकान नदी की धारा में विलीन हो गया हो तो जमीन का पट्टा देकर उसके लिए मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी सुनिश्चित कराए जाने का प्रावधान है।
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फसल नुकसान का मुआवजा
सरकारी इंतजामों के मुताबिक कृषि फसलों, औद्यानिक फसलों व वार्षिक फसलों के 33 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान पर क्षतिपूर्ति मिलेगी। इसमें असिंचित क्षेत्र के लिए 6800 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा सिंचित क्षेत्र के लिए 13500 रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा। बहुवर्षीय फसल के लिए यह मदद 18000 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से होगी। खेत में बाढ़ के पानी से सिल्ट जमा हो गया तो उसकी डिसिल्टिंग के लिए 12200 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। यदि नदी के प्रवाह बदलने से भूमि का अधिकांश भूभाग नष्ट हो जाए तो 37500 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
बाढ़ में बड़े दुधारू पशु (भैंस, गाय आदि) की मृत्यु होने पर पशुपालक को 30000 रुपये प्रति पशु की दर से आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था है। इसी प्रकार छोटे दुधारू पशु (बकरी, भेड़, सुअर) की मृत्यु पर 3000 रुपये प्रति पशु, गैर दुधारू बड़े पशु (ऊंट, घोड़ा, बैल) के लिए 25000 प्रति पशु तथा दुधारू छोटे पशु (गाय-भैंस के बच्चे) के लिए 16000 रुपया प्रति पशु के हिसाब से मदद मिलेगी।
कुक्कुट के नुकसान पर कुक्कुट पालकों को 50 रुपये प्रति कुक्कुट की दर से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मत्स्य पालकों को आंशिक क्षतिग्रस्त नौकाओं के लिए 4100 तथा पूर्ण क्षतिग्रस्त नौकाओं के लिए 9600 रुपया प्रति नौका की दर से मदद दी जाएगी। आंशिक क्षतिग्रस्त जाल के लिए 2100 और पूरी तरह क्षतिग्रस्त जाल के लिए 2600 रुपये मुहैया कराए जाएंगे। मत्स्य बीज फार्म को नुकसान होने की दशा में 8200 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
कपड़ा, बर्तन व रोजी के नुकसान की होगी भरपाई
बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त या दो दिन से अधिक जलमग्न मकानों में हुए कपड़ों व बर्तन के नुकसान की भरपाई अब सरकार करेगी। प्रति परिवार 1800 रुपये कपड़ों के नुकसान पर तथा 2000 रुपये बर्तन या घरेलू सामग्री नष्ट होने की दशा में दिया जाना है। इस आपदा में जिन परिवारों की आजीविका गंभीर रूप से प्रभावित हुई है और वे राहत कैम्पों में नहीं रह रहे हैं, उन्हें 60 रुपये प्रति वयस्क और 45 रुपये प्रति अवयस्क के हिसाब से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। बाढ़ के कारण यदि किसी शिल्पकार-दस्तकार का औजार क्षतिग्रस्त हुआ है तो उसे भी सरकार पुन: औजार खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देगी। औजार का नुकसान होने पर प्रति शिल्पकार 4100 रुपये की धनराशि मिलेगी। यदि किसी दस्तकार का कच्चा माल या निर्मित/अर्धनिर्मित उत्पाद खराब हुआ तो इसके लिए भी सरकार 4100 रुपये प्रति दस्तकार की दर से धनराशि मुहैया कराई जाएगी।