वैज्ञानिक डॉ. शशि भूषण पांडेय।
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वैज्ञानिकों के इस समूह में भारत के आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान, नैनीताल (एरीज) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शशि भूषण पांडेय और जेवियर पास्कुअल (आईएए-सीएसआईसी, स्पेन) और बार्गेन विश्वविद्यालय, नार्वे के शोधकर्ता डा. ओस्टगार्ड भी शामिल थे। बुधवार को डॉ. शशि भूषण पांडेय गोरखपुर में थे और उन्होंने अमर उजाला से शोध के बारे में विस्तार से चर्चा की।
डॉ. पांडेय ने बताया कि मैग्नेटार एक विशेष रूप से चुंबकीय प्रकार का न्यूट्रॉन तारा है जो कि एक सेकेंड के दसवें हिस्से में, सूर्य द्वारा 1,00,000 वर्षों में उत्पादित ऊर्जा के बराबर ऊर्जा उत्सर्जित किया है। यह मैग्नेटार विस्फोट 15 अप्रैल 2020 (जीआरबी 200415) को हुआ।