रेलवे बौलिया कालोनी में जर्जर आवासों को देखते पीआरकेएस के पदाधिकारी।
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गोरखपुर में रेलवे की कालोनियों के कई आवास जर्जर हो चुके हैं। बारिश में यहां पानी टपकता है। छतों का प्लास्टर टूटकर गिर गया है। कालोनी के लोग डरे हुए हैं कि कहीं गोंडा में आवास गिरने की घटना की पुनरावृत्ति यहां भी न हो जाए।
रेलकर्मियों ने इस संबंध में अमर उजाला से अपनी तकलीफें साझा की। बौलिया कालोनी में लोको पायलट हेमंत कुमार ने बताया कि कई बार कहने के बाद भी मरम्मत का कार्य नहीं हुआ। बारिश में छतें टपकती हैं।
मालिंदी पांडेय ने बताया कि कुछ दिन पहले हुई बारिश में बिस्तर पर बाल्टी और टब रखकर रात गुजारनी पड़ी। उधर, शुक्रवार को पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद राय ने रेलकर्मियों के साथ बिछिया, डेयरी और बौलिया कालोनी का निरीक्षण किया। सभी जर्जर आवासों को देखा।
महामंत्री ने कहा कि सभी के फोटोग्राफ लेकर वे महाप्रबंधक के सामने प्रस्तुत करेंगे और उन्हें हकीकत बताएंगे। निरीक्षण के दौरान एके सिंह, आरपी भट्ट, कुलदीप मणि, ईश्वरचंद्र विद्यासागर, देवेश सिंह, राकेश श्रीवास्तव, अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे की कालोनियों के बेहतर रख रखाव के लिए उप मुख्य इंजीनियर के संयोजकत्व में एक विशेष यूनिट बनाई गई है। कमेटी एक निश्चित समयावधि पर आवासों की मरम्मत, रंगाई-पुताई और सफाई कराती है। अगर रेलकर्मियों ने शिकायत की है तो उसकी जांच कराकर मरम्मत कराई जाएगी।