देवरिया की त्रिलोकीनाथ त्रिपाठी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड गोरखपुर जिले का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाएगी। शासन स्तर से जारी टेंडर हासिल करने के बाद कंपनी ने शनिवार से काम शुरू कर दिया है। करीब 28.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्लांट को बनवाने की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को मिली है। प्लांट के निर्माण के बाद न सिर्फ शहर साफ सुथरा नजर आने लगेगा, बल्कि शहरवासियों को कूड़े की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
सुथनी गांव में बनने वाले जिले के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की क्षमता 500 मीट्रिक टन की है। हालांकि नगर निगम हाल में शहर से निकलने वाले कूड़े का वजन कराया था। इस दौरान करीब 350 मीट्रिक टन कूड़ा निकला था। वहीं, शहर में जुड़ने वाले 32 गांवों में भी कूड़ा उठान के बाद यह मात्रा 450 मीट्रिक टन हो सकती है।
शहर से निकलने वाले कूड़े से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में खाद बनाई जाएगी। हालांकि, पहले योजना कूड़े से बिजली बनाने की थी, लेकिन शासन स्तर से इस प्रोजेक्ट में बदलाव कर दिया गया है।
सीएंडडीएस के अवर अभियंता ओपी सिंह ने बताया कि देवरिया की त्रिलोकीनाथ त्रिपाठी नामक कंपनी को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने की जिम्मेदारी मिली है। इस प्लांट की क्षमता 500 टन प्रति दिन खाद बनाने की है। शनिवार से कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। एक साल में कंपनी प्लांट बनाकर तैयार कर देगी। 6 जनवरी 2023 को प्लांट काम करना शुरू कर देगा।
अगले साल से शहर में कूड़ा कचरा दिखाई नहीं देगा। सुथनी में बनने वाला सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट छह जनवरी 2023 में तैयार हो जाएगा। प्लांट में कूड़े से खाद बनाई जाएगी। शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए पिछले करीब डेढ़ दशक से कवायद चल रही है। 2008 में नगर निगम कार्यकारिणी और बोर्ड ने कूड़े के निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को मंजूरी दी है। उस समय कूड़े से खाद बनाने के लिए शासन स्तर से टेंडर के माध्यम से कंपनी फाइनल की गई थी, लेकिन विभिन्न विवादों के बाद योजना अधर में लटकी रह गई। कार्यदायी कंपनी सीएंडडीएस का करोड़ों रुपये लेकर भाग गई।