अच्छे मच्छरों के बैक्टीरिया से डेंगू की रोकथाम हो सकेगी। दरअसल, कई अच्छे मच्छरों में वोल्बाचिया नामक बैक्टीरिया पाया जाता है। यह बैक्टीरिया डेंगू को पनपने नहीं देता है। इस संबंध में रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। इसके सफल होने पर पूर्वांचल में डेंगू की बीमारी पर लगाम लग सकेगी।
आरएमआरसी के सीनियर वैज्ञानिक डॉ अशोक पांडेय ने बताया कि अब तक के शोध में जो बातें सामने आई हैं वह यह कि वोल्बाचिया बैक्टीरिया डेंगू के वाहक एडीज एजिप्टी मच्छर को शरीर में पनपने नहीं देता है। इसे साइंस की भाषा में अच्छा बैक्टीरिया भी कहते हैं। यह डेंगू को फैलने नहीं देता है।
बताया कि डेंगू के वाहक एडीज एजिप्टी मच्छर जब इन अच्छे मच्छर से मिलकर प्रजनन करेंगे तो उनसे उत्पन्न नए मच्छर भी वोल्बाचिया बैक्टीरिया में शामिल हो जाएंगे। मच्छरों के काटने से डेंगू नहीं फैलेगा, जबकि दूसरी तरफ डेंगू फैलाने वाला मच्छर जीवन चक्र पूरा होने के कुछ दिनों बाद खुद नष्ट हो जाएगा। इससे डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का अंत हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बहुत से ऐसे मच्छर हैं, जिनमें खास तरह के बैक्टीरिया और वायरस दोनों होते हैं। वोल्बाचिया भी इसी में शामिल है।
बता दें कि जिले में हर साल डेंगू के मामले आते हैं। पिछले साल जिले में 60 से अधिक मरीज डेंगू के मिले थे। इनमें सभी को भर्ती करने की नौबत आ गई थी। हालांकि किसी मरीज की मौत नहीं हुई थी।
लैब बनकर तैयार
डॉ अशोक पांडेय ने बताया कि आरएमआरसी में शोध के लिए लैब तैयार है। कुछ मशीनें आनी हैं, जिनका ऑर्डर हो चुका है। मशीन आने के बाद शोध शुरू हो जाएगा।