निजी पैथालॉजी रुपये कमाने के चक्कर में केवल एनएस-वन कार्ड से डेंगू मरीजों की जांच कर रहे हैं। इसके एवज में वह मरीजों से 800 से लेकर एक हजार रुपये वसूल रहे हैं। कार्ड जांच में महज 30 मिनट के अंदर ही रिपोर्ट आ जा रही है। जबकि, एलाइजा जांच 1200 से 1500 के बीच हैं। रिपोर्ट में पांच से छह घंटे का समय लगता है। यही वजह है कि सीएमओ ने इन पैथालॉजी सेंटरों को निर्देश जारी कर कार्ड से जांच न करने की सख्त हिदायत दी है।
क्या है एनएस-वन कार्ड
डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि एनएस-वन कार्ड रैपिड किट की तर्ज पर काम करता है। सैंपल डालने पर आधे घंटे के अंदर यह रिपोर्ट बताती है। लेकिन, इसकी जांच पर भरोसा नहीं है। निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर मरीज निश्चिंत हो जाता है। ऐसे में मरीज की जान जाने की संभावना रहती है।
क्या है एलाइजा जांच
एलाइजा जांच पुष्ट और प्रमाणिक है। इसकी जांच मशीन से होती है। जांच में पांच से छह घंटे का समय लगता है। लक्षण के आधार पर यह 10 दिनों के अंदर तक के डेंगू के लक्षण को पकड़ सकता है। 10 दिन तक जांच न कराने पर एलाइजा जांच से डेंगू की पुष्टि हो जाती है। इसके परिणाम बेहद सटीक और बेहतर होते हैं।
एक नजर आंकड़ों पर
- अब तक डेंगू के मिले मरीज-26
- नोटिस- 70 दुकानदारों और घर स्वामियों को
- सोर्स रिडक्शन- 17 हजार से अधिक