दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) ने तीन मरीजों की जीनोम सीक्वेसिंग की रिपोर्ट बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग को भेजा है। तीनों संक्रमित जिले के रहने वाले नहीं है। जिन मरीजों में डेल्टा वेरिएंट मिला है। उसमें एक सिद्धार्थनगर और दूसरा कुशीनगर का रहने वाला है। वही, कोरोना का सामान्य वैरिएंट जिस मरीज में मिला है। वह देवरिया की रहने वाली महिला है।
जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने 10 जुलाई को छह मरीजों का जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए सैंपल लिया था। यह सैंपल जांच के लिए आईजीआईबी दिल्ली भेजा गया था। इन मरीजों की रिपोर्ट आईजीआईबी ने पांच माह बाद जारी की है।
माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि सिद्धार्थनगर का 40 वर्ष का युवक बीआरडी में भर्ती हुआ था। जांच में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा कुशीनगर के 35 वर्षीय युवक और देवरिया की 44 वर्षीय महिला की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल बीआरडी आया था। इन तीन मरीजों के अलावा तीन और मरीजों के सैंपल लिए गए थे। सैंपल लेकर 10 जुलाई को जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए भेजा गया था।
इसमें केवल तीन मरीजों की रिपोर्ट आईजीआईबी दिल्ली ने 28 दिसंबर को जारी की है। इसके बाद इन मरीजों के बारे में पता लगाया गया तो ये लोग पूरी तरह स्वस्थ्य मिले हैं। इसके अलावा इनके परिजन भी स्वस्थ्य हैं।
तीन लोगों की नहीं आई अब तक रिपोर्ट
आठ दिसंबर को माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने देवरिया के एक किशोर का जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए सैंपल आईजीआईबी भेजा था। सैंपल लेने के बाद किशोर की मौत हो गई थी। वह एचआईवी पॉजिटिव होने के साथ कोरोना संक्रमित हो गया था। इसके अलावा देवरिया के रहने वाले दो और युवकों का भी सैंपल लेकर जांच के लिए आईजीआईबी दिल्ली भेजा गया है। लेकिन, अब तक इनकी रिपोर्ट नहीं आई है।