उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के भानपुर तहसील की ग्राम पंचायत नेवादा के पड़री गांव निवासी दीपक शुक्ल (21) शनिवार को थल सेना में लेफ्टिनेंट बनें। 15 महीने के कठोर प्रशिक्षण के बाद देहरादून आईएमए में आयोजित पासिंग आउट परेड में उन्हें सैन्य अधिकारियों ने स्टार लगाकर पद की जिम्मेदारी सौंपी।
इनके बड़े पिता रामशंकर शुक्ल कहते हैं कि परिवार की तीसरी पीढ़ी को सेना में देख गर्व की अनुभूति हो रही है। रमाशंकर शुक्ल ने बताया कि उनके पिता जगदंबिका प्रसाद सेना में हवलदार थे। उसके बाद वे तीन भाई भी सेना में सूबेदार व कैप्टन रहे।
दीपक का चयन 2016 में एनडीए में हुआ था। उसके बाद दीपक को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। वहां 15 महीने के प्रशिक्षण के बाद वह लेफ्टिनेंट बने। दीपक के पिता सूबेदार राजकुमार शुक्ल मुख्यालय मध्य कमान लखनऊ में जनरल के पीए हैं।
बड़े पिता कैप्टन रामचंद्र शुक्ल व रामशंकर शुक्ल सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और गांव में रहते हैं। मां गृहणी और छोटा भाई रजत शुक्ल (18) एनआईटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। रविवार को दीपक के घर बंधाई देने वालों का तांता लगा रहा।