गोरखपुर में सड़क पर मलबा फेंकना अब भारी पड़ सकता है। नगर निगम, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) और नगर निगम नियमावली के नियमानुसार ऐसा करने वालों से दंड शुल्क के साथ जुर्माना वसूलेगा। इसके लिए नगर निगम 5000 रुपये जुर्माना के साथ निर्धारित शुल्क का तीन गुना दंड के रूप में लेगा। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भवन सामग्री रखने पर भी सख्ती का निर्णय लिया गया है।
अक्सर देखा जाता है कि शहर में अगर कोई व्यक्ति निर्माण कराता है तो उससे निकलने वाले निर्माण व विध्वंस सामग्री को सार्वजनिक स्थानों पर फेंक देते हैं। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर गिट्टी, बालू, मोरंग एवं बजरी आदि रखा जाता है। नगर निगम प्रशासन ने इसको प्रतिबंधित कर दिया है। ऐसा करने वालों पर नगर निगम कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन वेस्ट मैनेजमेंट एंड हैंडलिंग रूल 2016 एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों एवं नगर निगम गोरखपुर के अधिनियम के अनुसार ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही मलबा आदि उठवाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 8810709390 जारी किया है। मलबा उठवाने का शुल्क प्रति ट्रैक्टर 400 रुपये और प्रति ट्रक 800 रुपये निर्धारित किया है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर मलबा फेंकता है तो उससे न सिर्फ 5000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि निर्धारित शुल्क का तीन गुना दंड शुल्क में लिया जाएगा।
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