फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

DDU छात्रनेताओं ने कोरोना संकट में परीक्षा टलवाने के लिए किया हंगामा, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना भूले

Fri, 26 Jun 2020 11:57 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • परीक्षा के विरोध में छात्रनेताओं का हंगामा, कुलपति की गाड़ी रोकी
  • प्रोन्नति देकर अगली कक्षा में भेजने की मांग पर अड़े हैं छात्रनेता
  • नारेबाजी कर रहे छात्रनेताओं को पुलिस ने हटाया
  • मुख्य नियंता ने फोर्स लगाने के लिए एसएसपी को लिखा पत्र
विज्ञापन
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में बची हुई परीक्षाओं को निरस्त कर प्रोन्नति देने की मांग पर अड़े छात्रनेताओं का आंदोलन अब तेज होने लगा है। गुरुवार को छात्रनेताओं ने कुलपति से वार्ता असफल होने पर जमकर हंगामा किया। प्रशासनिक भवन से आवास जा रहे कुलपति की गाड़ी रोककर उन लोगों ने नारेबाजी की।

विज्ञापन


वे कोरोना संकट में परीक्षा नहीं कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन खुद मास्क पहनना तक भी जरूरी नहीं समझा। यह तब है जब कि मास्क लगाना अनिवार्य है और सभी स्तरों पर इसे लेकर जागरूक किया जा रहा है।

पुलिस ने छात्रनेताओं को हटाकर किसी तरह कुलपति की गाड़ी को निकलवाया। इसके बाद ज्ञापन देने गए नियंता कार्यालय में भी छात्रनेताओं की मुख्य नियंता प्रो. प्रदीप यादव से तीखी बहस हुई। मुख्य नियंता ने एसएसपी को पत्र लिखकर पर्याप्त मात्रा में फोर्स तैनात कर देने की मांग की है।
विज्ञापन


दोपहर एक बजे छात्रनेताओं ने कुलपति से मुलाकात की। वे कोरोना का हवाला देकर परीक्षा निरस्त करने की मांग कर रहे थे। लेकिन, कुलपति ने उनकी बातों को अस्वीकार कर दिया। थोड़ी देर बाद कुलपति दफ्तर से जाने लगे। इसपर छात्रनेता भड़क उठे।

उनका आरोप था कि कुलपति उनकी बातों को सुनना ही नहीं चाहते। उन्होंने कुलपति का घेराव किया और विरोध में नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने छात्रनेताओं का हटाकर कुलपति की गाड़ी को भिजवाया।

Trending Videos

हालात अनुकूल हो तभी कराएं परीक्षा: एबीवीपी

इसके बाद छात्रनेता नियंता कार्यालय गए और वार्ता के दौरान मुख्य नियंता से भी नोकझोंक होने लगी। मुख्य नियंता ने किसी तरह उन्हें समझाबुझाकर भेजा। इस दौरान छात्रनेता शिवशंकर गौड़, राजीव यादव, अनिल दुबे, भास्कर चौधरी, मनीष ओझा, आर्य यादव, शुभम मिश्र, गौरव वर्मा, सूरज यादव, पवन पांडेय, अरुण यादव, आदर्श त्रिपाठी, इब्राहिम खां आदि उपस्थित थे।
 
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के महानगर इकाई का प्रतिनिधिमंडल कुलपति से मिलने उनके आवास पर पहुंचा। कुलपति को ज्ञापन देकर परीक्षा से संबंधित सुझाव दिए। पदाधिकारियों ने कहा कि कुछ समय बाद जब हालात अनुकूल हो जाएं तब परीक्षाएं कराएं।

इसके अलावा प्रोजेक्ट वर्क, ग्रेडिंग प्रणाली, कैरी ओवर आदि विकल्पों पर भी बात रखी। इस अवसर पर महानगर संगठन मंत्री आकाश, प्रांत सह मंत्री अभिषेक, मयंक राय, आकाश सिंह, ऋषभ, आदित्य, हर्षवर्धन सिंह आदि मौजूद रहे।

गोविवि मुख्य नियंता प्रो. प्रदीप यादव ने बताया कि प्रदेश में आपदा अधिनियम एवं धारा 144 लागू है। ऐसे में किसी प्रकार का धरना, प्रदर्शन व रैली प्रतिबंधित है। विश्वविद्यालय में सात जुलाई से परीक्षा होनी है। ऐसे में कुछ छात्रनेता प्रदर्शन-विरोध कर रहे हैं। एसएसपी को पत्र लिखकर पर्याप्त मात्रा में पुलिस और पीएससी बल तैनात करने की मांग की गई है।

गोविवि कुलपति प्रो. वीके सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने ही परीक्षा पर रोक लगाई थी, अब शासन के निर्देश पर ही परीक्षाएं सात जुलाई से कराई जाएंगी। छात्रनेता हमारे पास आए थे, उन्हें इसकी पूरी जानकारी दी गई है। उनके विरोध करने का कोई औचित्य नहीं है।

हॉटस्पॉट या अन्य दिक्कतों से, अगर किसी की परीक्षा छूट जाती है तो उसकी परीक्षा बाद में कराई जाएगी। अब जो भी गलतफहमी पैदा करने की कोशिश करेगा, उससे पुलिस और प्रशासन कड़ाई से निपटेगा।
विज्ञापन

छात्रनेताओं ने भूख हड़ताल की दी चेतावनी

परीक्षा रद्द कर प्रोन्नति देने की मांग को लेकर छात्रनेता योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। योगेश और अनूप यादव ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान परीक्षा कराना जोखिम भरा है। अगर परीक्षा रद्द नहीं की गई तो जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल भी किया जाएगा।

इस दौरान सचिन शाही, उत्कर्ष सिंह, प्रमोद यादव, दिव्यांश सिंह, ऋषि यादव, राकेश यादव, जयवर्धन आदि मौजूद रहे। इधर दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा ने जाफरा बाजार स्थित कार्यालय पर पोस्टर-प्रदर्शन कर परीक्षा कराने के निर्णय का विरोध किया। इस दौरान राजू, अंजलि, प्रतिभा, रूबी, विकास आदि मौजूद रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें