सर्वाइकल कैंसर का स्वदेशी टीका। (सांकेतिक तस्वीर)।
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भविष्य में बेटियों को सर्वाइकल कैंसर का खतरा न हो, इसके लिए उन्हें स्वदेशी टीका लगाया जाएगा। यह टीका नौ वर्ष से लेकर 14 वर्ष की बेटियों को निशुल्क लगेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पांचवीं से लेकर 10वीं तक की छात्राओं का रिकॉर्ड मांगा है। पहले चरण में टीका लगने के बाद इसे नियमित टीकाकरण अभियान में भी शामिल किया जाएगा।
टीका लगाने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञों की संस्था फेडरेशन ऑफ गायनेकोलाॅजी एंड ऑब्सटेट्रिक्स (फाग्सी) अगले माह से सदस्यों को सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन लगाने की ट्रेनिंग देगा। इसके लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की पूर्व अध्यक्ष डाॅ. रीना श्रीवास्तव को उत्तर भारत का समन्वयक बनाया गया है। वह 100 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देंगी।
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डॉ. रीना श्रीवास्तव ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह कैंसर शुरुआती दौर में बेटियों को नहीं पता चलता है। लेकिन, जब शादी हो जाती है तो कुछ सालों बाद इसकी पहचान होती है। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट ने सर्वाइल कैंसर के लिए नई वैक्सीन बनाई है। इसे लगाने की अनुमति भी मिल गई है। पहले चरण में इसकी शुरुआत स्कूलों से की जाएगी। इसके बाद से इसे नियमित टीकाकरण अभियान में शामिल किया जाएगा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज पूर्व विभागाध्यक्ष स्त्री एवं प्रसूति रोग डॉ. रीना श्रीवास्तव ने कहा कि यह टीका नौ से 14 वर्ष की बच्चियों को लगाया जाएगा। पहले चरण में इसकी शुरुआत स्कूलों से होगी। बच्चियों को टीके की एक डोज ही पर्याप्त होगी। 12 से 14 वर्ष की बच्चियों को टीके की दो डोज दी जाएगी।