गोरखपुर की पूर्व मेयर अंजू चौधरी।
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अंजू चौधरी गोरखपुर की पहली ऐसी मेयर रहीं, जो अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद, नौ महीने अतिरिक्त मेयर की कुर्सी पर विराजमान रहीं। उस समय मायावती प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं। उन्होंने कहा था कि मेयर की कुर्सी मेयर को ट्रांसफर होगी। किसी अधिकारी को नहीं दी जाएगी। इस फेर में वह नौ महीने और मेयर की कुर्सी पर रहीं।
शहर के उच्च घराने से ताल्लुक रखने वाली अंजू चौधरी नवंबर 2006 में भाजपा के प्रत्याशी के रूप में मेयर चुनी गईं थीं। उनका कार्यकाल नवंबर 2011 तक रहा। अंजू चौधरी बताती हैं कि उनके कार्यकाल में मलेशिया में एशियन कांफ्रेंस हुआ था, जिसमें करीब 25 देशों के मेयर शामिल हुए थे।
भारत की तरफ से अंजू चौधरी को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला था। यह उनके और इस शहर के लिए गौरव की बात थी। उसके बाद मलेशिया के कल्चरल प्रोग्राम में उन्हें शिरकत करने का मौका मिला। जहां पर उन्होंने अपनी बात को पूरी दमदारी से रखा था।
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पूर्व मेयर बताती हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए काफी कार्य किया। शहर को जलभराव की समस्या से अब तक निजात नहीं मिलने पर वह करती हैं कि यह सम्स्या इसलिए है क्योंकि शहर नीचे और नदी ऊंचाई पर है।
उन्होंने कहा, कुछ कार्य चाह कर नहीं कर पाई, इसका उन्हें मलाल है। वह महाराष्ट्र गईं थीं। वहां एक पार्क में घूमने की व्यवस्था थी। जबकि नीचे लोग दुकानें लगाए हुए थे। लालडिग्गी पार्क में इसी तरह की व्यवस्था करना चाह रहीं थी लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण वह नहीं कर पाईं।