गोरखपुर। जिला अस्पताल से 10 वर्षीय बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो शमीम अहमद अंसारी की अदालत में पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. प्रिंस गुप्ता की गवाही पर बचाव पक्ष की जिरह पूरी हो गई। बचाव पक्ष की ओर से चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल बृजेश सिंह और डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल भगत गौड़ ने जिरह की। अदालत ने शेष साक्ष्य दर्ज करने के लिए 23 अक्तूबर की तारीख नियत की है।
अभियोजन के मुताबिक, मामला 28 जुलाई 2026 का है। कोतवाली क्षेत्र में परिवार के साथ रहने वाली 10 वर्षीय बालिका जिला अस्पताल में भर्ती अपनी बड़ी बहन को भोजन देने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान डायल-112 में तैनात रहे सिपाही अभिषेक यादव उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। 30 जुलाई को बालिका का शव चिउटहा में रोहिन नदी के किनारे मिला था।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपित को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। विवेचना पूरी करने के बाद कोतवाली थाना प्रभारी ने 187 पन्नों का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके आधार पर आरोपित के विरुद्ध आरोप तय होने के बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई।
मामले में बालिका के पिता और बड़ी बहन समेत छह गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक से बचाव पक्ष की जिरह पूरी होने के बाद अब शेष साक्ष्य दर्ज किए जाएंगे। अदालत ने इसके लिए 23 अक्तूबर की तारीख तय की है।