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Gorakhpur News: रोहिन नदी में तैर रही भैंस को खींच ले गया मगरमच्छ, बकरी को दबोचा, ग्रामीणों में दहशत

Wed, 29 Jul 2026 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामपुर गोपालपुर निवासी राकेश यादव की एक भैंस को मगरमच्छ ने पकड़ लियाऔर पानी के अंदर खींच ले गया। लगभग एक घंटे तक पानी में डूबी रहने के बाद जब भैंस सतह पर आई तो वह मरी हुई थी। मगरमच्छ ने भैंस के शरीर का कुछ हिस्सा खा लिया था। मंगलवार को नदी के तट पर पहुंची एक बकरी को मगरमच्छ ने पानी में दबोच लिया।
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नदी किनारे मगरमच्छ। - फोटो : स्त्रोत-सोशल मीडिया
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विस्तार
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सोमवार को जंगल कौड़िया में रोहिन नदी के रामघाट पर अफरा-तफरी मच गई। नदी में तैर रही भैंसों पर मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया और एक भैस को खींच ले गया। पहले मगरमच्छ बड़े जानवरों या मनुष्यों को नुकसान नहीं पहुंचाते थे, अब उनकी आक्रामकता बढ़ गई है।

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बताते हैं कि रोहिन नदी में मगरमच्छों की संख्या भी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों में इससे दहशत है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामपुर गोपालपुर निवासी राकेश यादव की एक भैंस को मगरमच्छ ने पकड़ लियाऔर पानी के अंदर खींच ले गया। लगभग एक घंटे तक पानी में डूबी रहने के बाद जब भैंस सतह पर आई तो वह मरी हुई थी।

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मगरमच्छ ने भैंस के शरीर का कुछ हिस्सा खा लिया था। मंगलवार को नदी के तट पर पहुंची एक बकरी को मगरमच्छ ने पानी में दबोच लिया। यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि बकरी किसकी थी। स्थानीय नागरिक बृज नारायण सिंह, सोनू यादव और सुरेश यादव ने बताया कि छह साल पहले तक रोहिन नदी में मगरमच्छ नहीं थे।

धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ी और पिछले दो साल से जाड़े के मौसम में वे तट पर धूप सेंकते नजर आने लगे हैं। वर्तमान में इस इलाके के नदी क्षेत्र में मगरमच्छों की संख्या 15 से 20 अनुमानित हैं। पहले वे नुकसान नहीं पहुंचाते थे लेकिन अब आक्रामक हो गए हैं।

लोगों ने नदी किनारे जाने से कतराना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोग अब प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि मगरमच्छों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए उचित कदम उठाए जाएं ताकि आगे कोई बड़ा हादसा न हो।

संख्या संतुलित रहें तो बनी रहेगी खाद्य श्रृंखला
महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय, जंगल कौड़िया के जीव विज्ञान विभाग के आचार्य डॉ. दिग्विजय सिंह ने बताया कि लोगों के संरक्षण प्रयासों के कारण मगरमच्छों की संख्या बढ़ी है। डॉ. सिंह ने कहा कि पर्यावरण में संतुलित संख्या में मगरमच्छ रहें तो खाद्य श्रृंखला बनी रहती है।
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क्षेत्रीय वनाधिकारी, कैंपियरगंज सीपी तिवारी ने बताया कि यदि मगरमच्छ पानी में हैं तो उन्हें नहीं पकड़ा जाएगा। अगर कोई मगरमच्छ खेतों में या मानव आबादी वाले इलाके में आ जाए तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें। विभाग उसे पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा देगा।
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