जोन का सबसे बड़ा इनामी बदमाश राघवेंद्र यादव चार साल से तो जिले का इनामी बड़ा भू-माफिया ओमप्रकाश पांडेय करीब एक साल से फरार है। इनकी गिरफ्तारी को आला अफसर विशेष टीम तक गठित कर चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक इनकी परछाई तक नहीं देख पाई है।
झंगहा में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या में वांछित आरोपी व गैंगस्टर राघवेंद्र यादव पर 2.5 लाख रुपये का इनाम है। 10 अप्रैल 2018 को रिटायर्ड दरोगा जयहिंद यादव और उनके बेटे नागेंद्र की हत्या के बाद से राघवेंद्र फरार है। इसके बाद से पुलिस इसे पकड़ नहीं पाई है। इसके अपराध को देखते हुए एडीजी अखिल कुमार ने एक लाख रुपये इनाम घोषित कर फाइल डीजीपी कार्यालय में भेज दी थी। 21 मई 2021 को डीजीपी ने राघवेंद्र पर इनाम बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया। इसके बाद जोन के सभी थाने, चौकी में इसका फोटो चस्पा कर दिया गया। एसटीएफ भी इसकी तलाश में लगा दी गई, लेकिन अभी तक पुलिस इस बदमाश को पकड़ नहीं पाई है।
भू-माफिया ओमप्रकाश पांडेय और उसके साथियों पर कैंट थाने में 26 मुकदमे दर्ज हैं। सभी जालसाजी के हैं। बिहार, झारखंड तक के लोगों से उसने जमीन के बदले रुपये लेकर हड़पे हैं। इसकी गिरफ्तारी के लिए सीएम के जनता दरबार में एक महिला पेश हुई थी, जिसके बाद एक-एक करके ओमप्रकाश के खिलाफ 26 मुकदमे दर्ज किए गए। इसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के साथ ही एसपी सिटी की अगुवाई में एक विशेष टीम भी गठित की, लेकिन यह टीम भी उसे नहीं पकड़ पाई। करीब दो महीने पहले राघवेंद्र की लोकेशन राजस्थान में मिली, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आया। इसे लेकर पुलिस पर उससे मिलीभगत के आरोप भी लगते हैं।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि इनामी बदमाशों की तलाश में पुलिस की टीमें गठित हैं। पुलिस काम कर रही है। कोशिश है कि जल्द ही इनकी गिरफ्तारी कर ली जाए।