बिजली उपभोक्ता शहनाज बानो की शिकायत पर तत्कालीन विजिलेंस इंस्पेक्टर निर्भय नारायण सिंह, एसडीओ आरके सिंह, जेई सुनील यादव, मुकेश पटेल और दो प्राइवेट लाइनमैन मनोज और संदीप समेत समेत कुछ अज्ञात लोगों पर तिवारीपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। न्यायालय ने अवैध वसूली, धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, गाली देने, जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज करके संबंधित थाने को तफ्तीश करने के आदेश दिए थे।
दरअसल, तिवारीपुर थानाक्षेत्र की इलाहीबाग आगा मस्जिद की शहनाज ने आरोप लगाया था कि चेकिंग के समय उनके घर बिजली निगम की एक टीम आई थी और बताया कि उनके घर का मीटर धीमी गति से चल रहा है, टीम ने तत्काल इसे ठीक कराने को कहा। महिला ने विभाग के लोगों को बताया कि अभी घर पर उनके पति और कोई अन्य जिम्मेदार नहीं है। शाम को उनके आने के बाद वह मीटर ठीक करा देंगी। उस समय तो टीम वापस चली गई। करीब डेढ़ घंटे बाद, बिजली निगम की टीम फिर आई और पोल से उनके घर तक गए बिजली कनेक्शन को काटने लगे।
महिला के पूछने पर टीम ने कहा कि इसके लिए ऊपर से आदेश है। आरोप है कि बिजली न काटने के एवज में अधिकारियों ने महिला से 40 हजार रुपये की डिमांड की और 10 हजार रुपये तत्काल लेकर 30 हजार रुपये शाम तक देने की बात करने पर अधिकारी वापस चले गए। शाम में जब महिला के पति खुर्शीद को घर आने पर इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने लाइनमैन से प्रकरण के बारे में पूछा। खुर्शीद ने शेष 30 हजार रुपये देने से इनकार भी कर दिया।
ग्राहक को लाइनमैन ने धमकाया
इस पर लाइनमैन ने कहा कि अगर रुपये नहीं दिए तो विजिलेंस चेकिंग कराकर तुम लोगों को बिजली चोरी के केस में फंसा देंगे। आरोप है कि दो दिन बाद 12 अक्तूबर को दोपहर में विजिलेंस इंस्पेक्टर निर्भय नारायण सिंह, एसडीओ आरके सिंह, जेई सुनील यादव व मुकेश पटेल, प्राइवेट लाइनमैन मनोज और संदीप के साथ पहुंचे और घर का बिजली मीटर तोड़ दिया।
टीम ने परिवार पर ही आरोप लगा दिया कि उनके मीटर की सील टूटी हुई है। इस तरह से टीम ने परिवार पर करीब 1.41 लाख रुपये की पेनाल्टी भी लगा दी। आरोप है कि टीम ने इसके एवज में 50 हजार रुपये की डिमांड भी की और न देने पर अधिकारियों ने परिवार पर बिजली चोरी का केस दर्ज करा दिया। महिला शहनाज बानो ने पहले तो इसकी शिकायत पुलिस और अधिकारियों से की, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।