धर्मवीर ने सरकारी विभागों में नौकरी मिलने की बात रिश्तेदारों को भी बताई। धर्मवीर के साले महेंद्र पाल, संतोष कुमार, भांजा व दोस्तों ने भी हामी भर दी। धर्मवीर ने रामनारायण को बताया कि छह लोगों की नौकरी दिलानी है। रामनारायण ने हामी भरी। इसके बाद कहा कि छह लोगों के 6 लाख रुपये लगेंगे। उसने कहा कि राजस्व विभाग के अलावा रेलवे में भी नौकरी लग जाएगी। रुपये लेने के बाद आरोपी रामनारायण ने सभी को नियुक्ति पत्र भी दिया।
धर्मवीर का दोस्त राशिद नियुक्ति पत्र लेकर दिल्ली में रेलवे कार्यालय ज्वाइन करने पहुंचा तो वहां पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। पीड़ित धर्मवीर के दोस्त राशिद ने वापस आकर पूरी जानकारी दी। इसके बाद सभी ने पड़ताल शुरू की। सामने आया कि रामनारायण व धर्मराज का डिप्टी सीएम से कोई रिश्ता ही नहीं है। सभी उनके नाम पर दुरुपयोग कर रहे थे। पीड़ित ने डीजीपी मुकुल गोयल से शिकायत की जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।