परवेज 2018 के बाद पुलिस के संपर्क में आया था। पुलिस का मुखबिर बताकर वह कई सिपाही, दरोगा के संपर्क में रहता था। जिस वजह से वह पुलिस की कार्यप्रणाली से पूरी तरह से परिचित था। इसी के चलते हत्या के बाद उसने ऐसी कोई गलती नहीं की जिससे पुलिस आसानी से उसे आरोपी मानती। दो बार थाने पर लाकर उससे पूछताछ की गई थी लेकिन सबूतों के अभाव में उसे छोड़ना पड़ा था।
शादी में मौजूदगी दर्शाने के लिए बनाया वीडियो
हत्या वाले दिन परवेज के चचेरी बहन की शादी घटनास्थल से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर थी। सर्विलांस से बचने के लिए उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। साथ ही पुलिस की जांच से बचने के लिए शादी में खुद की मौजूदगी दर्शाते हुए कई वीडियो बना लिया था। यही वजह है कि संदेह के आधार पर पुलिस जब उसे पकड़कर थाने लाई तो उसने वीडियो दिखा दिया। मोबाइल इस्तेमाल नहीं हुआ था, इस वजह से सर्विलांस से भी मदद नहीं मिल रही थी।
डेढ़ मिनट के अंदर कर दी थी हत्या
पूरे घटनाक्रम को परवेज ने महज डेढ़ मिनट के अंदर ही अंजाम दिया था। घटनास्थल से पहले वह एक पेट्रोल पंप पर रुका और साथी मनोज के साथ स्मैक का सेवन किया। फिर वेद के घर पहुंचकर उसकी हत्या की और फरार हो गया।
परवेज पर दर्ज है 16 मुकदमे, भाई भी हत्यारोपी
परवेज पर 16 मुकदमे दर्ज हैं। सभी शाहपुर थाने में ही है। इसमें हत्या की कोशिश, हत्या, आर्म्स एक्ट, मारपीट, बलवा, धमकी देने, गैंगेस्टर के मामले हैं। परवेज का छोटा भाई भी 2014 में हुई एक हत्या का आरोपित है और इस समय जेल में बंद है। परवेज के साथी मनोज सोनकर पर भी चार मुकदमे दर्ज हैं। हत्या, हत्या की कोशिश, बलवा, छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट में जेल जा चुका है।
मेयर के मुनीम से वेद प्रकाश के दोस्तों ने की थी वारदात
मेयर सीताराम जायसवाल के मुनीम से कोतवाली इलाके में हुई लूट की वारदात को वेद प्रकाश के दोस्तों ने अंजाम दिया था। इसी घटना के बाद से वह आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के संपर्क में आया था।