हरि दो भाइयों में बड़ा था। रात में किसी को उसकी मौत की भनक नहीं लग सकी थी। सुबह मां जब स्टोर रूम की ओर गई तब उन्हें जानकारी हुई।
नाकामयाब रही रिश्तेदारों की समझाने की कोशिश
शुक्रवार रात में आत्मघाती कदम उठाने से पहले हरि की अपने मौसेरे भाई से काफी देर तक बात हुई। बताया जा रहा है कि परेशानी जानकर मौसेरे भाई ने समझाने की कोशिश की। हरि ने एक और रिश्तेदार से संपर्क किया था। उन्होंने ने भी समझाया। लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि परेशान हरि खुद की जान ले लेगा।