उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सिकरीगंज थाना क्षेत्र के बारी गांव में रुपये के लालच में छोटे भाई सोनू सिंह ने बड़े भाई बालेंद्र सिंह (45) की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में दोनों भाई बेचे गए खेत के रुपये का बंटवारा कर रहे थे, इसी दौरान विवाद हो गया।
पुलिस ने चौकीदार की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर आरोपी सोनू सिंह को गिरफ्तार किया है। सोनू इससे पहले 2009 में भी भाई के साथ मिलकर पिता की हत्या कर चुका है। उस समय भी जमीन के पैसे के बंटवारे में विवाद हुआ था।
तीसरा भाई नहीं आया तहरीर देने, चौकीदार ने दर्ज कराया केस
सोनू चार भाइयों में छोटा है। उसका एक भाई अपनी बहन के यहां बस्ती जिले में रहता है, जबकि एक भाई की डूबने से मौत हो चुकी है। सोनू के खिलाफ तहरीर देने जब कोई सामने नहीं आया तो पुलिस ने गांव के चौकीदार करिया की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया।
साल 2009 में भाई के साथ मिलकर पिता की हत्या कर चुका है सोनू
घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
सोनू सिंह ने इससे पहले अपने एक भाई दीप नारायण सिंह उर्फ इंस्पेक्टर के साथ मिलकर 2009 में पिता नित्यानंद सिंह की हत्या कर दी थी। उस समय पिता ने जमीन का बैनामा किया था। हत्या के बाद दोनों ने शव को खेत में तालाब के पास दफना दिया था। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने करीब एक सप्ताह बाद लाश बरामद की थी। पिता की हत्या में बालेंद्र ने सोनू और दीप नारायण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सोनू के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की थी।
नशे की वजह से छोड़ गई पत्नी
गांव वालों का कहना है कि दोनों भाईयों को शराब पीने की आदत थी। यही वजह है कि इनकी पत्नियां छोड़कर चली गईं हैं। साल 2009 में पिता की हत्या भी दोनों भाईयों ने शराब के नशे में की थी। सीओ खजनी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि दोनों भाई हमेशा शराब के नशे में रहते थे और रोज रात में शराब पीकर आपस में बवाल करते थे। घटना की रात दोनों भाई घर पर मौजूद थे।
एक सप्ताह पहले बेचा था मकान
सोनू सिंह के पिता नित्यानंद के पास 25 बीघा जमीन थी। शराब के फेर में सारी जमीन बिकती गई। वर्तमान में ज्यादा जमीन नहीं बची है। गांव में एक मकान बचा था। उसको भी सोनू और इंस्पेक्टर ने एक सप्ताह पहले बेच दिया।
ना बहनें आईं न भाई
परिवार में चार भाई थे। अब सिर्फ सोनू और दीप नारायण उर्फ इंस्पेक्टर बचे हैं। पिता की हत्या के बाद एक भाई बबलू सिंह नशे में नदी में कूद गया था और उसकी मौत हो गई थी। चार बहने हैं जो पिता की हत्या के बाद कभी गांव नहीं आईं। दीप नारायण घर छोड़कर बस्ती जिले में बहन के यहां रहता है। भाई की हत्या के बाद पुलिस ने खबर भेजी पर वह नहीं आया।